इस पर उन्होंने डीएम कानपुर नगर व पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर शिकायत की। उधर, बेसिक शिक्षाधिकारी सुरजीत कुमार का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर खंड शिक्षाधिकारी चौबेपुर आनंद कुंवर पटेल को प्राथमिक विद्यालय भेजा गया था।
आरोपी प्रधानाध्यापिका और पीड़ित बच्चे व माता-पिता का लिखित व मौखिक बयान लिया गया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि वे अनुसूचित जाति से हैं, इस वजह से प्रधानाध्यापिका ने पिछले साल बच्चे को दाखिला देने से मना कर दिया था।
बच्चे को डांटा था, पीटने की बात गलत
नीता दीक्षित ने बताया वे अब तक दो बार राज्यस्तरीय कहानी प्रतियोगिता जीत चुकी हैं और विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट हैं। सूर्यांश खाने की लाइन में खड़ा था और उसने एक बच्चे को धक्का दे दिया था। इस पर उसे डांटा था। स्कूल स्टाफ ने बच्चे से मारपीट की बात जबरन वीडियो में बुलवाकर वायरल कर दी। बच्चे को बीमारी है, इस वजह से उसकी नाक से खून आने लगता है। रही बात दाखिले की तो जन्म प्रमाणपत्र न होने की वजह से पिछली साल प्रवेश नहीं दिया गया था।