मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा की काशी यात्रा।
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दिल्ली से मां अन्नपूर्णा की मूर्ति काे लेकर वाराणसी जा रहे रथ का रात में बिल्हौर से कानपुर नगर में प्रवेश करते ही धूमधाम से स्वागत हुआ। शनिवार सुबह गंगा बैराज से गुजरते समय रथ को रोककर भक्तों ने मां अन्नपूर्णा का स्वागत कर पूजन अर्चन की। इससे पहले शिवराजपुर में चालक को झपकी आने पर कुछ देर के लिए रथ को विश्राम दिया गया।
गांगा बैराज से यात्रा वीआईपी रोड होते हुए बिरहाना रोड स्थित तपेश्वरी मंदिर पहुंची और भक्तों ने मां अन्नपूर्णा की रथयात्रा पर पुष्प वर्षा करके स्वागत किया। तपेश्वरी मंदिर में पुजारी शिवमंगल में आरती पूजन करके मां अन्नपूर्णा को छप्पन भोग अर्पित किया। अब यात्रा शुक्लागंज पुल से उन्नाव के लिए रवाना होगी।
गुरुवार को मां अन्नपूर्णा की मूर्ति वाराणसी ले जाने के लिए दिल्ली से यात्रा शुरू हुई थी। शुक्रवार सुबह यात्रा ने गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, कासगंज, एटा, मैनपुरी, कन्नौज होते हुए रात में बिल्हौर से कानपुर में प्रवेश किया। बिल्हौर में लोग यात्रा का पूरी रात इंतजार करते रहे। हालांकि शिवराजपुर के पास यात्रा को एक घंटे का विश्राम दिया गया क्योंकि रथ लेकर चल रहे चालक को नींद आने लगी थी।
कानपुर में गंगा बैराज पर सुबह पौने आठ बजे यात्रा पहुंची तो पहले से इंतजार में खड़े भक्तों ने मां की आरती उतारकर पूजन किया। यहां से रथयात्रा वीआइपी रोड से होते हुए मां तपेश्वरीदेवी मंदिर पहुंची। तपेश्वरी देवी मंदिर में पूजन के बाद यात्रा सर्किट हाउस से शुक्लागंज पुल होते हुए यात्रा को उन्नाव रवाना हो गई।