कानपुर में पारा 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। गर्मी की बीमारियां बेकाबू हो रही हैं। शनिवार को हैलट, उर्सला समेत दूसरे अस्पतालों की ओपीडी में डायरिया और गैस्ट्रोइंटाइटिस के रोगियों की भीड़ रही। शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाने के कारण न्यूरो की बीमारियां बढ़ गई हैं। दो बाल रोगियों की डायरिया और दो की निमोनिया से मौत हो गई।
फ्लू के रोगी बढ़ गए हैं। दोपहर ढाई बजे ग्वालटोली और सिविल लाइंस में लोग गर्मी की वजह से चक्कर खाकर गिर गए। इसके साथ ही डिहाइड्रेशन के कारण रोगियों के गुर्दे फेल हो रहे हैं। हैलट और निजी अस्पतालों में 20 गुर्दा रोगियों को भर्ती किया गया है। गर्मी के कारण इन्हें एक्यूट किडनी इंजरी हो गई है।
चकेरी के नानक सिंह की दो साल की बेटी की डायरिया की मौत हो गई। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसी तरह फजलगंज के कौशलेंद्र के डेढ़ साल के बच्चे की मौत हुई। डायरिया के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। उसे हैलट रेफर किया गया था। वहीं सरसौल के राम सिंह (65) की निमोनिया से मौत हुई। उसका इलाज रामादेवी में चल रहा था। बाद में उसे हैलट रेफर कर दिया गया। जाजमऊ के अहसान (55) की निमोनिया से मौत हुई। उन्हें क्षेत्र के निजी अस्पताल से उर्सला भेजा गया। यहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया।