पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी
- फोटो : amar ujala
कानपुर से पिछले दिनों माती कोर्ट में गवाही के लिए बुलाए गए दुष्कर्म के आरोप में जेल में बंद पूर्व चकेरी इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र त्रिपाठी की पुलिसकर्मियों द्वारा की गई आवभगत और उसके बाद उन पर हुई कार्रवाई से सबक लेते हुए गुरुवार को पुलिस ने फास्ट ट्रेक कोर्ट में दिनेश की तलबी के दौरान पूरी सतर्कता बरती।
सामान्य बंदियों से अलग पुलिस की गाड़ी से कड़ी सुरक्षा के बीच दिनेश लगभग 2 बजे चौबेपुर जेल से कानपुर कोर्ट लाया गया।
चकेरी इंस्पेक्टर रहने के दौरान दिनेश ने 29 जनवरी 2000 को संदीप दीक्षित को 2 देशी बम के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में दिनेश ने ही वादी बनकर एफआईआर दर्ज कराई थी।
वर्ष 2010 में कोर्ट ने मामले में संदीप के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे। इसके बाद गवाही शुरू हुई तो दिनेश को कई बार सम्मन व वारंट भेजे गए लेकिन वह बयान दर्ज कराने कोर्ट नहीं पहुंचा। यहां तक कि कोर्ट ने उसे गिरफ्तार कर हाजिर करने के आदेश भी दे दिए थे लेकिन दिनेश की दबंगई और पुलिसकर्मियों से सांठगांठ के चलते इस आदेश का भी पालन नहीं हो सका।
एडीजीसी इंद्रलता शुक्ला व विनोद त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को संदीप की फाइल में पेशी के दौरान कोर्ट को दिनेश के जेल में बंद होने की जानकारी दी गई तब कोर्ट में उसे बयान दर्ज कराने के लिए जेल से तलब किया था।