देश में पहली बार अंधता की बीमारी रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के इलाज में स्टेम सेल का प्रयोग किया जाएगा। 23 नवंबर को हैलट के नेत्ररोग विभाग में स्टेम सेल थेरेपी विशेषज्ञ डॉ. बीएस राजपूत और विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज आलम इसकी शुरुआत करेंगे।
इसके लिए दो मरीजों की चिह्नित किया गया है। अभी तक रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के मरीजों की आंखों में पीआरपी का इंजेक्शन लगाया जाता है। रोग को ठीक करने के लिए अभी तक 30 रोगियों को पीआरपी का इंजेक्शन दिया जा चुका है।
कुछ मरीजों में इसके नतीजे उत्साहजनक भी रहे हैं, लेकिन कुछ की आंखों की रोशनी नहीं लौटी। जिन्हें इंजेक्शन से फायदा नहीं हुआ, उन्हें अब स्टेम सेल थेरेपी दी जाएगी। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि पिगमेंटोसा के केस में पहली बार देश में थेरेपी दी जाएगी। उम्मीद है कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा के लक्षण
रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा में मरीज को पहले रात में दिखना बंद होता है, फिर दिन में। इसके बाद स्थायी रूप से अंधता आ जाती है। इस बीमारी में आंख के पर्दे में खराबी आती है।