मड़ौली कांड में शासन की ओर से एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी तय समय में सभी साक्ष्य एकत्रित नहीं कर पाई थी। लिहाजा शासन की ओर से उन्हें एक सप्ताह का समय और दिया है। सूत्राें के अनुसार मिले समय में एसआईटी विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम के साथ मिलकर वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्रित करेगी।
शासन ने मड़ौली कांड की विवेचना कर रही एसआईटी को एक और सप्ताह का समय दिया है, जिससे कि एसआईटी बयानों के साथ ही वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी एकत्र कर सके। मड़ौली के मजरा चालहा में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के दौरान झोपड़ी में लगी आग से मां प्रमिला बेटी नेहा जिंदा जल गई थीं।
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मामले की निष्पक्ष जांच के लिए शासन की ओर से एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी तय समय में सभी साक्ष्य एकत्रित नहीं कर पाई थी। लिहाजा शासन की ओर से उन्हें एक सप्ताह का समय और दिया है। सूत्राें के अनुसार मिले समय में एसआईटी विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम के साथ मिलकर वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एकत्रित करेगी।
जिससे इस कांड में आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा सके। मामले की जांच में जुटी एसआईटी ने अब तक 72 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं हरदोई एसपी राजेश द्विवेदी के नेतृत्व में बनाई गई दूसरी एसआईटी के सामने अभी तक घटनास्थल पर मौजूद रहने वाले 14 पुलिसकर्मी नहीं आए हैं।