दीपावली के दिन सोमवार को दिल्ली, बिहार जैसे रूटों को जाने वाली ट्रेनों में बहुत कम यात्री गए। आने वाली ट्रेनों में भी दो दिन की अपेक्षा कम यात्री रहे। जनरल कोच में यात्री आराम से चढ़ सके। स्थिति यह थी कि स्वर्ण शताब्दी में दिल्ली जाने के लिए 230 सीटें खाली रही। हालांकि, कानपुर से आसपास जिलों के लिए जाने-आने वाली मेमू और इंटरसिटी एक्सप्रेस के कोच खचाखच भरे रहे।
विज्ञापन
दीपावली का त्योहार मनाने के लिए बाहर के शहरों में नौकरी करने वालों के लौटने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। हालांकि, पिछले दिनों की अपेक्षा यात्री लोड कम था। प्लेटफार्म एक को छोड़ अन्य और पैदल यात्री पुल पर सामान्य से अधिक भीड़ दिखी। ये भीड़ सपास इलाकों को जाने वालों की थी। बता दे कि दीपावली और छठ पर्व के लिए उत्तर-मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल की ओर से नियमित के अलावा करीब 276 स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गई हैं।
यात्रियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पूर्वांचल, बिहार जाने वाली हर ट्रेन फुल
कानपुर से दिल्ली जाने और आने वाली ट्रेनों में 22 अक्तूबर तक सीटें खाली और वेटिंग में टिकट है। 24 व 25 अक्तूबर को मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरू की ओर से आकर कानपुर रुकते हुए बिहार की ओर जाने वाली हर ट्रेनों में वेटिंग है। पटना तेजस में तो इन दो दिनों में थर्ड एसी में नोरूम दिखा रहा है। ऐसा ही हाल महाबोधि, मगध एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र सहित सात ट्रेनों के स्लीपर में भी है जिनमें 24 से 26 अक्तूबर तक रिग्रेट दिखा रहा है। मजबूरी में बिहार और पूर्वांचल जाने वाले लोग तत्काल या आकस्मिक कोटे से सीट पाने के जुगाड़ में लगे हैं।
जो ट्रेन मिले, सवार हो जाओ
दोपहर करीब 12 बजे कैंट साइड पूछताछ काउंटर पर 10-12 यात्रियों की भीड़ जानकारी के लिए खड़ी थी। इनमें से अधिकतर ने लखनऊ मेमू, इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेनों के बारे में जानकारी ली। सहायता कक्ष में दोपहर लगभग 12:15 बजे दो यात्री प्रयागराज की ट्रेन के बारे में जानकारी लेने पहुंचे तो वहां बैठे डिप्टी एसएस कामर्शियल ने कहा कि दीपावली है, पहले जो ट्रेन आए, उसमें सवार हो जाओ। अपनी ट्रेन का पता करोगे तो पता चलेगा कि दिवाली रास्ते में ही गुजर गई।
आधा दर्जन ट्रेनें नौ से 12 घंटे तक लेट
त्योहारी सीजन में ट्रेनों की लेटलतीफी यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। रविवार रात से सोमवार शाम तक आधा दर्जन स्पेल ट्रेनें सात से 12 घंटा देरी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। इनमें 04457 मुजफ्फरपुर-नई दिल्ली स्पेशल 12 घंटा, 04405 सहरसा-शकूरबस्ती स्पेशल दस घंटा, 02563 बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल नौ घंटा, 04453 मानसी-नई दिल्ली स्पेशल नौ घंटा, पनवेल -गोमती नगर स्पेशल 07:30 घंटा, 04449 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल नौ घंटा देरी से आई।
लखनऊ, महोबा, औरैया, हरदोई की बसों में जगह नहीं
दोपहर से देर शाम तक आसपास के जिलों फतेहपुर, लखनऊ, महोबा, औरैया,माती जैसे रूटों की बसें खचाखच होकर गई। महोबा की बसों में तो कुछ यात्री सीट के चक्कर में खिड़कियों से अंदर घुसे। दोपहर बारह बजे गोरखपुर जाने वाली बसों की सीटें खाली रही। रायबरेली रूट की बस कृष्णानगर के सामने खराब हुई तो यात्रियों ने हंगामा किया। इस पर 14 यात्रियों को दूसरी बस में शिफ्ट कर रवाना किया गया। झकरकटी बस अड्डे के एआरएम पंकज तिवारी ने बताया कि मंगलवार को लोड काफी कम होगा। 23 अक्तूबर से छठ पूजा के लिए लोड फिर शुरू होने की उम्मीद है। परिवहन निगम के आरएम महेश कुमार ने बताया कि कानपुर रीजन की अतिरिक्त बसों का संचालन 30 अक्तूबर तक रहेगा। छठ पूजा का लोड भी 25 से शुरू होगा, इस वजह से 50 बसों को पूर्वांचल रूटों पर चलाया जाएगा।
दिल्ली की 18 बसें दूसरे रूटों पर भेजी
सोमवार को दिल्ली से आने वाली लगभग हर बस फुल होकर झकरकटी बस अड्डा पहुंची। वापस जाने के लिए दिन में 11:00 से एक बजे के बीच लोड नहीं मिला तो बस अड्डा प्रबंधन ने 18 सेवाएं दिल्ली की निरस्त कर आसपास के रूटों पर इन बसों को भेजा। इससे इन रूटों के यात्रियों को राहत मिली।