कानपुर के कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांव में बुखार से अब तक छह महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वाले सभी रोगियों में पेट दर्द और खून बहने के समस्या हुई। मृतकों के परिजनों और मौत के मुंह से बचकर आए ग्रामीणों ने खुद इस बात की पुष्टि की। स्वास्थ्य विभाग इन सभी रोगियों की रिपोर्ट डेंगू निगेटिव बता रहा है।
शनिवार को गांव पहुंचने पर संवाददाता से गांव वाले बोले कि किसी डॉक्टर ने यह नहीं बताया कि आखिर रोग कौन सा है। सैंपल की रिपोर्ट क्यों नहीं दी जाती। ग्रामीणों के सवालों का जवाब देने के लिए स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी गांव नहीं गया। गांव की बरगद वाली गली में कई लोग बैठे मिले।
जैसे ही उनसे बीमारी के बारे में पूछा तो ज्वाला प्रसाद कहने लगे कि उनका गांव आसपास के गांवों से अधिक साफ है, फिर ये कौन सी बीमारी है, जो हमारे लोगों को खाए जा रही है। गांवों के 40 घरों में ताला पड़ा है। कुछ लोग सिंहपुर, कल्याणपुर आसपास के क्षेत्रों में किराये का मकान तलाश रहे हैं। राधेश प्रजापति बोले, पत्नी लक्ष्मी को जाड़ा देकर बुखार आया, फिर पेट दर्द और पेशाब से खून आया।
अगले दिन अस्पताल ले गए और मौत हो गई। पता नहीं कौन सा वायरस है कि इतनी जल्दी मौत हो रही। यही बात मृतक छात्रा सोनाली गौतम के पिता राकेश कुमार ने बताई। बीए की छात्रा दीपाली गौतम खुशनसीब हैं कि उनकी जान बच गई। बताने लगीं कि अचानक जाड़ा देकर बुखार आया। पेट में तेज दर्द हुआ और नाक से खून आने लगा। गांवों वालों का कहना है कि करीब 50 रोगियों के ब्लड सैंपल लिए गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं दी गई।