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कानपुर: जाड़ा देकर बुखार, पेट दर्द के बाद खून भी आया, अब तक हुईं सात मौतों में हर बुखार रोगी को हुई ब्लीडिंग

Sun, 12 Sep 2021 08:01 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
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बुखार से मौतें - फोटो : amar ujala
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कानपुर के कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांव में बुखार से अब तक छह महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वाले सभी रोगियों में पेट दर्द और खून बहने के समस्या हुई। मृतकों के परिजनों और मौत के मुंह से बचकर आए ग्रामीणों ने खुद इस बात की पुष्टि की। स्वास्थ्य विभाग इन सभी रोगियों की रिपोर्ट डेंगू निगेटिव बता रहा है।
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शनिवार को गांव पहुंचने पर संवाददाता से गांव वाले बोले कि किसी डॉक्टर ने यह नहीं बताया कि आखिर रोग कौन सा है। सैंपल की रिपोर्ट क्यों नहीं दी जाती। ग्रामीणों के सवालों का जवाब देने के लिए स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी गांव नहीं गया। गांव की बरगद वाली गली में कई लोग बैठे मिले।

जैसे ही उनसे बीमारी के बारे में पूछा तो ज्वाला प्रसाद कहने लगे कि उनका गांव आसपास के गांवों से अधिक साफ है, फिर ये कौन सी बीमारी है, जो हमारे लोगों को खाए जा रही है। गांवों के 40 घरों में ताला पड़ा है। कुछ लोग सिंहपुर, कल्याणपुर आसपास के क्षेत्रों में किराये का मकान तलाश रहे हैं। राधेश प्रजापति बोले, पत्नी लक्ष्मी को जाड़ा देकर बुखार आया, फिर पेट दर्द और पेशाब से खून आया।
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अगले दिन अस्पताल ले गए और मौत हो गई। पता नहीं कौन सा वायरस है कि इतनी जल्दी मौत हो रही। यही बात मृतक छात्रा सोनाली गौतम के पिता राकेश कुमार ने बताई। बीए की छात्रा दीपाली गौतम खुशनसीब हैं कि उनकी जान बच गई। बताने लगीं कि अचानक जाड़ा देकर बुखार आया। पेट में तेज दर्द हुआ और नाक से खून आने लगा। गांवों वालों का कहना है कि करीब 50 रोगियों के ब्लड सैंपल लिए गए, लेकिन रिपोर्ट नहीं दी गई।
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सवाल यह उठता है कि रोगियों को ब्लीडिंग हो रही है लेकिन डेंगू नहीं है तो फिर कौन सी बीमारी है। कोरोना, डेंगू और मलेरिया के अलावा अन्य जांचें क्यों नहीं कराई जातीं। मौत पर मौत हो रहीं और कई गंभीर हैं। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि कई तरह के बुखार हैं, यह तो वायरोलॉजी जांच में ही पता चलेगा।

बुखार से चार और मौतें, कुरसौली के कई रोगी गंभीर
बुखार का कहर जारी है। शनिवार को डेढ़ साल के बच्चे समेत चार रोगियों की मौत हो गई। अब तक कुल 43 लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। हैलट में कई गंभीर रोगी भर्ती हैं। उर्सला में औसत आठ रोगी रोज भर्ती हो रहे हैं। कुरसौली में बुखार के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। नौ रोगी निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

किदवईनगर के रहने वाले अशोक कुमार (55) डायबिटीज और कैंसर के रोगी रहे हैं। परिजनों ने बताया कि बुखार आने के बाद तेजी से हालत बिगड़ी और मौत हो गई। कल्याणपुर के रहने वाले विनोद (17) को अचानक बुखार आया और शरीर ठंडा पड़ गया। नौबस्ता के रामकुमार के डेढ़ साल के बच्चे की बुखार के बाद पसली चलने लगी।

हैलट लाने पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सुनीता देवी (70) को बुखार के बाद दमा का अटैक पड़ गया।  कुरसौली के भुल्लू तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को उनकी पत्नी क्षमा की मृत्यु हुई थी। परिवार के चार सदस्य अभी अस्पताल में भर्ती हैं। मां की हालत गंभीर है।
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