कानपुर में बीफार्मा की छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि रितिका करीब सात साल से मानसिक बीमारी से ग्रसित थी। सुसाइड नोट में उसने बीमारी का जिक्र करते हुए ऊबकर खुदकुशी करने की बात लिखी।
कानपुर के नौबस्ता में मानसिक बीमारी से ऊबकर बीफार्मा द्वितीय वर्ष की छात्रा ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुणे के नागपुर निवासी संदीप श्रीवास्तव इलेक्ट्रीशियन हैं। उनकी बेटी रितिका (23) करीब सात साल से मानसिक बीमारी से ग्रसित थी। संदीप ने पुलिस को बताया कि वह पुणे में भारतीय विद्या पीठ निकेतन कॉलेज से बीफार्मा कर रही थी। उसका कानपुर में डॉक्टर से इलाज चल रहा था।
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वह 17 अप्रैल को अपनी पत्नी कंचन के साथ बेटी को लेकर नौबस्ता खाड़ेपुर में रहने वाले अपने छोटे भाई विनोद के घर आए थे। शाम को रितिका पहली मंजिल पर स्थित कमरे में पढ़ने की बात बोलकर गई। देर तक नीचे न आने पर परिजन कमरे में पहुंचे तो गेट अंदर से बंद मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गेट खोला तो रितिका शव फंदे से लटका मिला। सुसाइड नोट में उसने बीमारी का जिक्र करते हुए ऊबकर खुदकुशी करने की बात लिखी। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त किया है।