ई-रिक्शा चालकों की अराजकता
- फोटो : अमर उजाला
इसमें ई-रिक्शों के पंजीकरण से लेकर उनके रूट निर्धारण तक की व्यवस्था शामिल है। इसके अंतर्गत ई-रिक्शों को उनके रूट के अनुसार क्यूआर कोड दिए गए हैं। पुलिस का मानना है कि बिना क्यूआर कोड वाले ई-रिक्शे अवैध हैं।
इनसे यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है, क्योंकि इसे चलाने वाले व्यक्ति का पुलिस के पास डाटा नहीं है। सोमवार को अभियान के विरोध में ई-रिक्शा चालकों ने हंगामा किया।
ई-रिक्शा चालकों की अराजकता
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पुलिस की कार्रवाई से नाराज ई-रिक्शा चालकों ने सड़कों पर चल रहे दूसरे ई-रिक्शों को जबरन रोककर सवारियों को उतार दिया। कुछ सवारियों ने इनकी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान कुछ चालक क्यूआर का विरोध करते रहे तो कुछ पुलिसकर्मियों से इस बारे में जानकारी लेते दिखे।
जिन लोगों के दस्तावेज पूरे नहीं हैं, वही विरोध कर रहे हैं। अन्य चालकों को कोई आपत्ति नहीं है। पंजीकरण और क्यूआर कोड वितरण के लिए काउंटरों की संख्या को दोगुना कर दिया गया है।- रविंद्र कुमार, डीसीपी ट्रैफिक