बंगलूरू जा रही गोरखपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-5 के पहिये में खराबी आने पर शनिवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेन ढाई घंटे खड़ी रही। इससे यात्री स्टेशन पर परेशान रहे। दोपहर 1:40 बजे प्लेटफार्म नंबर दो पर ट्रेन आई। सेंट्रल स्टेशन आते समय रेलवे के रोलिंग स्टॉफ के कर्मचारियों ने देखा कि कोच के पहिये और स्प्रिंग में खराबी है।
यात्रियों ने भी कोच से आवाज आने की शिकायत की थी। सूचना सेंट्रल के निदेशक आशुुतोष सिंह और एसीएम संतोष कुमार त्रिपाठी को मिली। रेलवे के कैरिज एंड वैगन विभाग के स्टाफ को जानकारी देकर इस कोच को हटाकर दूसरा लगाया गया। इसके बाद ट्रेन शाम 4:17 बजे रवाना हो सकी। 72 सीट वाले इस कोच में 418 यात्री सवार होकर गए। जिन यात्रियों के टिकट रिजर्व थे, वह भी आरपीएफ के जवानों से अपनी सीट पर बैठाने की मिन्नतें करते रहे।
आरक्षित कोच में सीटों से लगभग छह गुना यात्री
सिंकदराबाद और बंगलूरू जाने वाली इस ट्रेन के कोच में गोरखपुर से कानपुर सेंट्रल तक 418 यात्री सवार हुए, जबकि इसमें 72 आरक्षित सीटें थीं। बिहार के सीवान में बेटी की शादी करके सिकंदराबाद लौट रहे फौज में हवलदार एचएस प्रसाद ने बताया कि उनके साथ परिवार के 20 लोग हैं। सभी की सीटें कन्फर्म हैं, लेकिन अपनी सीट पर ठीक से बैठने की जगह नहीं मिल रही है। वेटिंग टिकट और जनरल टिकटधारक ट्रेन में घुसे हैं। गोरखपुर से आ रहीं सुनीता देवी ने बताया कि तीन महिलाओं के साथ टिकट रिजर्व कराकर लौट रहे थे लेकिन कोच में आए टीटीई ने सभी बेटिकट और जनरल टिकटधारकों का जुर्माना लेकर टिकट बना दिया और सफर करने की अनुमति दे दी। यह लोग आरक्षित सीटों पर बैठे हैं।