बालाजी मेडिकल स्टोर पर जांच करते ड्रग विभाग के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
ड्रग विभाग ने बालाजी मेडिकल स्टोर के खिलाफ तहरीर देकर नशीली दवाओं का कारोबार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने थाना रायपुरवा थाने में एक नवंबर को दी तहरीर में बताया कि 12 अक्तूबर को रायपुरवा स्थित बालाजी मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था जहां से दो हजार नशीली सिरप की शीशियां और एल्प्राजोलम की नौ हजार टेबलेट बरामद हुईं थी। विभाग को सूचना मिली है कि इसकी दोगुनी या उससे भी ज्यादा की खरीदारी मेडिकल स्टोर संचालक ने की है जिसे क्षेत्र में बेचा गया है।
विभाग के अनुसार, मेडिकल स्टोर संचालक सुमित केसरवानी दवाओं की खरीदारी के कागज नहीं दिखा पाया। उसे समय भी दिया गया लेकिन कागज न दिखा पाने पर एडीएम सिटी के दिशा निर्देश पर ड्रग इंस्पेक्टर ने तहरीर दी है और नशीली दवाओं का कारोबार करने का आरोप लगाया है। बताया कि विभाग ने 12 अक्तूबर को छापा मारा और उस वक्त मेडिकल स्टोर बंद मिला। कई बार फोन करने के बावजूद संचालक सुमित नहीं आया तो टीम ने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। 14 अक्तूबर को टीम फिर से मेडिकल स्टोर पर गई और वहां पर संचालक के सामने ही नशीली दवाओं के शक में सैंपल लिए। यहां पर टीम ने कोल्डि्रफ फास्फेट सिरप की दो हजार शीशियां और एल्प्राजोलम की नौ हजार टेबलेट को सीज किया था। इन दोनों दवाओं का उपयोग नशे के रूप में भी होता है। इसलिए टीम ने मेडिकल स्टोर संचालक सुमित केसरवानी से इन दवाओं का लेखा जोखा मांगा कि दो साल में यहां से ये दवाएं किसे-किसे दी गईं। ऐसे में सुमित दस्तावेज नहीं दे सका। इतना समय बीत जाने के बाद जब वह कागज नहीं दिखा पाया तो एक नवंबर को विभाग ने थाने में तहरीर दे दी।
वहीं, महाराजपुर थाना में मां दुर्गा मेडिकोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। एडीएम सिटी राजेश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई नशीली दवाओं को लेकर की जा रही है। वहीं विभाग के अनुसार बिरहाना रोड के मेडिकल स्टोरों पर छापा मारा गया था तो उन्होंने नशीली दवाओं का लेखा जोखा उपलब्ध करा दिया है, लेकिन अभी तक ओमपुरवा और केशवपुरम स्थित मेडिकल स्टोरों से कागज नहीं आए हैं। अभी जवाब दाखिल करने के लिए उनके पास समय है। अगर समय रहते उन्होंने कागज नहीं दिए तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। वहीं, रायपुरवा थाना प्रभारी विजय कुमार सरोज ने बताया कि तहरीर मिली है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।