कोरोना महामारी में माता-पिता की मौत की वजह से अनाथ हुए बच्चों की सुरक्षा औऱ संरक्षण जिला स्तरीय टास्क फोर्स व कोविड वर्चुअल सपोर्ट ग्रुप बनाने के लिए जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने सीडीओ डॉ. महेन्द्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार, बाल कल्याण समिति व वन स्टॉप सेंटर के प्रतिनिधि संग बैठक की। जिलाधिकारी ने कहा कि महामारी में अनाथ हुए बच्चों के लिए जोखिम बढ़ा है।
पुनर्वास की व्यवस्था की जानी है। जिले के लोग अनाथ बच्चों की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम, जिला प्रोबेशन अधिकारी के मोबाइल नंबर 7518024059, बाल कल्याण समिति के मोबाइल नंबर 9453533883, वन स्टॉप सेंटर के मोबाइल नंबर 8935050050 और महिला हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 पर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक दे सकते हैं।
महामारी में अनाथ हुए बच्चे भी तलाशें
जिलाधिकारी ने कहा कि निगरानी समितियों का घर-घर सर्वे करना बेहद जरूरी है। इसमें लापरवाही मिली तो कार्रवाई होगी। खासी, जुकाम, बुखार लक्षणयुक्त व्यक्तियों की कोविड जांच कराएं। मेडिकल किट वितरण कार्य पर विशेष नजर रखी जाए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ऐसे बच्चों का पता लगाएं, जिनके माता-पिता व परिवार के सदस्यों की कोविड महामारी में मृत्यु हो गई या परिवार से बिछड़े या फिर अन्य कारणों से परिवार विहीन हो गए हों।
सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार ने कहा कि खंड विकास अधिकारी और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी कोविड संक्रमण से बचाव कार्य में सेक्टर मजिस्ट्रेटों से आवश्यक सहयोग और सूचनाएं प्रदान करेंगे। बैठक में एडीएम सिटी अतुल कुमार, सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह, जिला पंचायतीराज अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।