गंगा में दूषित पानी जाते हुए मिला
समय-समय पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की प्रदेश और केंद्रीय इकाई की टीमें औचक निरीक्षण भी करती हैं, लेकिन सुधार नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में जाजमऊ से लेकर उसके आगे तक गंगा का पानी अक्सर काले रंग का दिखता है। शनिवार को भी बोर्ड की एक टीम ने यहां का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें टीम को गंगा में दूषित पानी जाते हुए मिला था।
जाजमऊ वाज़िदपुर मे एयरफोर्स चोर नाले से बहाया जाता पानी
- फोटो : amar ujala
बाईपास कर भेजते पानी
जाजमऊ में जल निगम का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) संचालित है। 36 एमएलडी से सीवरेज तो 20 एमएलडी की क्षमता के एसटीपी से टेनरियों का पानी शोधित किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक प्लांट को बाईपास कर गंदा पानी गंगा में बहाया जाता है।
परमट में गंगा में जाता नाले का गंदा पानी
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लाइट जाने पर नहीं चला जनरेटर
जाजमऊ स्थित 20 एमएलडी के प्लांट में सोमवार को दोपहर अचानक लाइट चली गई थी। इसके बावजूद जनरेटर नहीं चलाया गया। इस वजह से दो घंटे तक गंदा पानी बिना शोधित हुए गंगा में जाता रहा। मंगलवार को भी यही स्थिति रही। सूत्रों के मुताबिक, प्लांट भी अभी तक पूरी क्षमता से नहीं चलाया जा रहा, जबकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 13 मई तक सभी टेनरियों को इस प्लांट से जोड़ने का निर्देश दे रखा है।
600 के आसपास टेनरियां संचालित
कागजों पर तो शहर में करीब 249 टेनरियां संचालित हैं, लेकिन छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 600 के आसपास टेनरियां चल रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का स्पष्ट निर्देश है कि सभी टेनरियों का गंदा पानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ही जाना चाहिए।
ट्रीटमेंट प्लांट मे 136 एमएलडी प्लांट से ओवर फ्लो जाता पानी
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पांडु नदी भी हो रही दूषित
पनकी, साइट नंबर-3 स्थित एमटीसी के पास फैक्टरियों का दूषित पानी एक पक्के नाले से पांडु नदी में गिराया जा रहा है। इसके अलावा साइट नंबर-2 में लगभग आधा दर्जन चोर नालों से रात के वक्त नदी में केमिकलयुक्त पानी छोड़ा जाता है। भौंती में पांडु नदी पुल के सामने गत्ता फैक्टरी से भी गंदा पानी बहाया जाता है।
कभी जनरेटर खराब होने से समस्या होती है, लेकिन उसे तुरंत सुधार लिया जाता है। फिर भी यदि गंगा में कहीं से भी पानी सीधे जा रहा है, तो उसका निरीक्षण कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
-मोहित चक, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम
नई कन्वेंशन लाइन क्यों नहीं पड़ पाई, बुधवार को मौके पर जाकर निरीक्षण करूंगा। -अजीत कुमार सुमन, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड