मूसानगर। कोटा बैराज राजस्थान से 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जिले में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। चार सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा पानी पथार गांव के रास्ते की पुलिया के ऊपर पहुंचने की स्थित में है।
अगर पुलिया डूबी तो कई गांवों के बीच आवागमन का संपर्क खत्म हो जाएगा। इससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने निगरानी भी बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार 24 घंटे में नदी का जलस्तर 76 सेमी बढ़ा है।
अन्य राज्यों में बांधों से छोड़े जाने वाले यमुना नदी के पानी से प्रतिवर्ष जिले में बाढ़ आती है। इस बार भी बांधों से पानी छोड़ने की शुरूआत हो चुकी है। इसको लेकर सिकंदरा और भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के अधिकारियों को अलर्ट किया गया है।
इसकी सूचना 25 जुलाई को जारी कर कोटा बैराज राजस्थान से 1.50 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया था। इससे अब जिले में नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिले में नदी का पानी पथार गांव की पुलिया तक पहुंच गया है। इसके डूबने से आवागमन बंद हो जाएगा।
वहीं, जलस्तर बढ़ने की सूचना पर भोगनीपुर एसडीएम अजयकुमार राय ने सभी बाढ़ चौकियों के कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। बताया कि यमुना नदी का जलस्तर प्रति घंटे चार सेमी की रफ्तार से बढ़ रहा है। अभी स्थित समान्य है।
वहीं, कालपी बाढ़ नियंत्रण चौकी के कर्मचारी ज्ञानचंद्र ने बताया कि यमुना नदी जलस्तर 101.76 मीटर है। जो अभी खतरे के निशान से सात मीटर नीचे है। बांध से पानी से छोड़े जाने के कारण यह लगातार बढ़ रहा है।
क्षेत्र निवासी वीरेंद्र निषाद, पन्नालाल निषाद, रामेश्वर निषाद, लल्लू, मीरादेवी, कुंती ने बताया कि पानी बढ़ने से यमुना और सेंगुर नदी के तटवर्ती गांवों में बाढ़ की स्थित बनती जा रही है। इससे हर साल की तरह फिर से दुश्वारियां झेलनी पड़ेंगी।