कानपुर देहात। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन की दुकानों से मिलने वाले केरोसिन में लगातार कटौती हो रही है। केरोसिन से घर का चिराग जलाने वालों की रात अंधेरे में हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्र में आज भी शाम को केरोसिन से ही चिराग जलाए जाते हैं। इसकी वजह है कि अक्सर शाम के समय गांवों में बिजली नहीं आती है।
जिले में केरोसिन के आवंटन में एक बार फिर बड़ी कटौती की गई है। अभी तक 432 किलोलीटर केरोसिन आवंटित होता था। अब सिर्फ 200 किलोलीटर का आवंटन किया जाएगा। कटौती होने से पात्र गृहस्थी के कार्ड धारकों को प्रतिमाह एक लीटर केरोसिन मिल सकेगा। अभी तक दो लीटर मिल रहा था। कटौती होने से जिले में एक लाख 57 हजार 675 कार्ड धारकों के परिवार प्रभावित होंगे। उनकी रात अंधेेरे में गुजरेगी। विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था ग्रामीण इलाकों में दुरुस्त नहीं है। इससे गांवों में गरीबों के घर केरोसिन के चिराग से ही रोशन होते हैं। शाम को 6 से रात 10 बजे तक लोगों को खाना बनाने, खाने व बच्चों को पढ़ने के लिए रोशनी की जरूरत होती है। तब गांवों में अक्सर बिजली नहीं आती है। गरीबों के पास केवल केरोसिन का चिराग की रोशनी का विकल्प होता है।
शासन की ओर से केरोसिन में लगातार कटौती हो रही है। दो वर्ष पहले जिले में 800 किलोलीटर केरोसिन का आवंटन होता था। तब पात्र गृहस्थी कार्ड धारक को तीन लीटर केरोसिन दिया जाता था। इसके बाद कटौती शुरू हुई। फिलहाल 432 किलोलीटर केरोसिन मिल रहा था। इस बीच पात्र गृहस्थी कार्ड धारक को दो लीटर दिया जाने लगा। अब एक बार फिर बड़ी कटौती की गई है। कुछ कोटेदारों के हिस्से में तो केवल 50 से 100 लीटर केरोसिन का आवंटन हो रहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार सैनी ने बताया कि केरोसिन में कटौती की गई है। नए निर्देशों के अनुसार केरोसिन का आवंटन कोटेदारों को किया जा रहा है। साथ ही नियमानुसार वितरण के निर्देश हैं।