झींझक। दिल्ली हावड़ा रेल लाइन पर परजनी क्रासिंग फाटक है। यहां से 50 गांवों के लोगों की आवाजाही रहती है। मालभाड़ा लाइन शुरू होने से ट्रेनों की संख्या बढ़ी है। इससे अक्सर फाटक बंद रहने से क्रासिंग पर लोगों का समय जाया होता है।
यहां पर ओवरब्रिज बनाने के लिए करीब 30 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है। मिट्टी की भार वहन क्षमता जांचने के लिए परीक्षण शुरू हो गया है। इसके बाद पुल के पिलर का डिजाइन बनाने के साथ काम शुरू कराया जाएगा। इससे करीब दो लाख से अधिक आबादी को आवाजाही में सहूलियत होगी।
दिल्ली हावड़ा रेल लाइन से हर दिन करीब दो सौ ट्रेनें निकलती हैं। माल भाड़ा लाइन शुरू होने से पूरे दिन इस ट्रैक से मालगाड़ियों की आवाजाही रहती है। इसकी वजह से परजनी क्रासिंग का फाटक कम खुला रह पाता है।
कई बार एक साथ तीन से चार ट्रेनों को निकाला जाता है तो करीब आधे से पौन घंटे तक क्रासिंग बंद रहती है। इससे वाहन सवार फंसे रहते हैं। इस समस्या को देखते हुए रेलवे ने परजनी क्रासिंग फाटक के पास करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव किया था।
इससे मंजूरी मिल गई है। जमीन का सीमांकन कार्य पूर्ण होने पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए मिट्टी की भार वहन क्षमता का परीक्षण का कार्य शुरू हो गया है। ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूर्ण होने पर लोगों को आने जाने में सहूलियत होगी।
परजनी के महेंद्र सिंह, गोरेलाल, बमहैया के दीवान सिंह, गोपालपुर के रामचंद्र ने बताया कि दिल्ली हावड़ा रेल रूट व मालभाड़ा लाइन मिलाकर चार ट्रैक हो गए हैं। इसकी वजह से थोड़ी-थोड़ी देर में ट्रेनों की आवाजाही होती है और फाटक बंद रहता है। ओवरब्रिज निर्माण कार्य पूर्ण होने पर सहूलियत होगी तो समय भी बचेगा।
इन गांवों के लोगों को मिलेगी सहूलियत
परजनी में रेलवे ओवर ब्रिज बनने पर परजनी, दयाकापुरवा, बूचापुरवा, चिरखिरी, अनन्तपुर, गोपालपुर, सरदारपुरवा, राजपुर, तेजपुर, दबौली, बम्हैया, लक्ष्मणपुर पिलख, चिता का पुरवा, कमलापत पुरवा, गढ़ी महेरिया, खितारी, मालतीपुर, किशवापुर समेत करीब 50 से अधिक गांवों के लोगों को फायदा होगा।
मिट्टी की भार वहन क्षमता का परीक्षण कराया जा रहा है। यह ओवर ब्रिज रेलवे बनवाएगा। परीक्षण के आधार पर पिलर आदि का डिजायन बनाने के बाद काम की शुरुआत होगी। - एनके शर्मा, एक्सईएन उत्तर मध्य रेलवे।