सरवनखेड़ा। भदेसा गो आश्रय केंद्र में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। गोशाला में गायें और नंदी एक साथ रखे गए हैं। यहां नंदी हिंसक होकर उनपर हमला कर देते। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो जाती हैं। इससे रविवार को दो गायों की मौत हो गई। जबकि तीन घायल हैं।
भदेसा गो आश्रय केंद्र में 250 मवेशी हैं जबकि यहां पर केवल 60 मवेशियों के लिए चरही की व्यवस्था व टीन शेड है। केंद्र में खड़ंजा व पशुओं के बैठने की ऊंचाई में व्यवस्था न होने से बरसात का पानी चारों तरफ भरा है। यहां गंदगी भी फैली हुई है।
सरकार की ओर से नंदी को गायों से अलग रखने के लिए नंदीशाला बनवाए हैं, लेकिन छह माह से अधिक समय बीतने के बाद भी इस केंद्र से करीब 80 नंदियों को हटवाया नहीं जा सका है। जब चारा खाने के लिए पशु चरही के पास आते हैं तो नंदी गायों को खदेड़ देते हैं।
इस दौरान हमले से गायें गंभीर रूप से घायल हो जाती हैं। रविवार को यहां दो गायों की मौत हो गयी। तीन अन्य मवेशी घायल हैं। इसके अलावा केंद्र में भूसा भंडारण कक्ष, हरा चारा काटने की मशीन, केयर टेकर के रुकने की व्यवस्था आज तक नहीं हो सकी है।
प्रधान उषा सिंह के पति राहुल सिंह ने बताया कि केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं के बाबत कई बार अधिकारियों को बता चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। एडीओ पंचायत ने बताया कि समस्याओं के बाबत सचिव से जवाब तलब कर नंदी व गायों को अलग-अलग कराया जाएगा।