कानपुर देहात। ककवन थाना क्षेत्र में पांडु नदी पुल के पास 2015 में पुलिस पर फायरिंग करने वाले पिता-पुत्र समेत तीन अभियुक्तों को सात साल कैद की सजा सुनाई गई है। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही थी।
ककवन में पांडु नदी पुल पर रसूलाबाद रोड मजार के पास 22 अगस्त 2015 को तत्कालीन एसओ वीपी सिंह पुलिस बल के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी साइकिल से कुछ लोग आते दिखे। पुलिस को देख उन्होंने भागने की कोशिश की।
इस पर पुलिस ने पीछा किया तो सभी ने फायरिंग शुरू कर दी। मामले में पुलिस ने उसरी वनपुरवा रसूलाबाद निवासी अमर सिंह व बेटे राजू के साथ ही कुंदन के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ की रिपोर्ट दर्ज की थी।
उनके पास से पुलिस ने अवैध असलहा व कारतूस भी बरामद किया था। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में हो रही थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया था।
गुरुवार को कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को घटना का दोषी मानते हुए सात साल का कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, अवैध असलहा बरामदगी के मामले में कुंदन पर दस हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्तों को एक माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।