रनियां में फैक्ट्ररी गेट पर महिलाओ को समझाते कोतवाल प्रमोद शुक्ल। संवाद
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रनियां (कानपुर देहात)। औद्योगिक क्षेत्र रनियां की एक डिटरजेंट फैक्टरी की पैकिंग यूनिट से माल लेकर मिर्जापुर गए पिकअप चालक की वहां पर संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
बुधवार को परिजनों ने आर्थिक मदद की मांग कर फैक्टरी गेट पर शव रखकर एक घंटे तक हंगामा किया। कोतवाल ने समझाकर परिजनों को शांत कराया। फैक्टरी प्रबंधन ने सहायता राशि देने का भरोसा दिया, इसके बाद परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए।
बिठूर के कुरौना गांव निवासी सियाराम पाल का पुत्र आनंद पाल (30) रनियां स्थित एक डिटरजेंट फैक्टरी की पैकिंग यूनिट में पिकअप चलाता था। सोमवार को मिर्जापुर में उसकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर बुधवार को रनियां आए और आर्थिक मदद की मांग कर फैक्टरी गेट पर हंगामा करने लगे। सूचना पर कोतवाल पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत कराया।
इसके बाद परिजनों ने फैक्टरी प्रबंधन से वार्ता की। भाई दिनेश ने बताया कि रविवार को आनंद फैक्टरी से माल लेकर मिर्जापुर गए थे। जहां उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। अन्य लोगों के माध्यम से इसकी सूचना मिली।
मिर्जापुर पहुंचने पर पुलिस को सूचना दी और शव का पोस्टमार्टम कराया। रनियां चौकी इंचार्ज रजनीश कुमार ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन व परिजनों के बीच चार लाख रुपये की सहायता राशि देने का समझौता हो गया है।
कोतवाल प्रमोद शुक्ल ने बताया कि समझाने बुझाने पर परिजन शांत हो गए। फैक्टरी प्रबंधन ने आर्थिक मदद का भरोसा दिया तो परिजन शव अंतिम संस्कार के लिए ले गए।