कानपुर देहात में रूरा क्षेत्र के एक गांव में ग्यारह माह पहले नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सोमवार को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई। अब अदालत ने मामले में फैसले के लिए 20 मई की तिथि नियत की है। विशेष लोक अभियोजक विकास सिंह ने बताया कि रूरा के एक गांव निवासी ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा था कि 17 जून 2022 को उसकी नाबालिग पुत्री (13) को पड़ोस में रहने वाली महिला ने माचिस मंगवाने के लिए अपने घर पर बुलाया।
जब वह उसके घर गई, तो वहां मौजूद दया का पुरवा निवासी जयदीप, भागदत्त का पुरवा निवासी तार बाबू, तिलकचंद व सराय गढ़ेवा के गोलू ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना कर आरोपी गोलू के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम हटा दिया। वहीं, महिला समेत अन्य के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए थे।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 13 पॉक्सो एक्ट बाकर शमीम रिजवी की अदालत में हुई। सोमवार को बचाव पक्ष ने बहस करते हुए जहां आरोपियों के निर्दोष होने की दलीलें दीं। वहीं अभियोजन पक्ष ने उनका विरोध करते हुए तर्क दिए कि पीड़िता की चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार उसके साथ दुष्कर्म के साथ ही आरोपियों की ओर से मारपीट भी की गई है। इस आधार पर आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। विशेष लोक अभियोजक विकास सिंह ने बताया कि अदालत ने फैसले के लिए 20 मई की तिथि नियत की है।