15 साल पहले दुकान बंद कर गांव के युवक के साथ बाइक से लौटते समय बदमाशों ने सर्राफ को घेरकर लूटपाट करने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले की सुनवाई करते हुए स्पेशल जज एंटी डकैती की कोर्ट ने सोमवार को छह अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 47-47 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
गजनेर थाना क्षेत्र के गंगागंज निवासी समरजीत सिंह ने सात जनवरी 2011 को पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि भाई अमरजीत सिंह की सरवनखेड़ा में सोना-चांदी की दुकान किए थे। वह रोज की तरह दुकान बंद कर बाइक से गांव के सोनू के साथ लौट रहे थे। एक झोला सोनू बीच में रखकर बैठा था जबकि दूसरा हाथ में पकड़े था। झोले में सोने-चांदी के अभूषण व बिक्री के रुपये थे। दोनों गंगागंज के पास पहुंचे इसी बीच दो बाइकों पर सवार होकर आए छह लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट कर झोला छीन लिया।
भाई के विरोध करने पर बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी और आभूषण लूट कर फरार हो गए। उपचार के दौरान कानपुर के एक निजी अस्पताल में अमरजीत सिंह की मृत्यु हो गई थी। मामले में पुलिस ने डकैती और हत्या का मामले दर्ज किया था। विवेचना के बाद पुलिस ने उन्नाव जिले के सलेमपुर थाना माखी निवासी सत्यपाल सिंह, पंकज सिंह, दुर्जनखेडा थाना अजगैन उन्नाव के रामऔतार उर्फ गुड्डन पासी, कटरा थाना माखी उन्नाव के रमेश सिंह उर्फ गुड्डू, सराय गोगूमऊ थाना गजनेर के पप्पू उर्फ विजय नारायण व फत्तेपुर थाना मूसानगर असलम पप्पू को गिरफ्तार किया था।
सभी के खिलाफ 22 अक्तूबर 2011 को आरोपपत्र अदालत में दाखिल किए थे। इस मामले की सुनवाई स्पेशल जज एंटी डकैती कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 10 अगस्त को सभी अभियुक्तों को दोषी करार दिया था। सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 अगस्त की तिथि निर्धारित की थी। सोमवार को अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद सभी छह दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।