कानपुर देहात। मंत्री जी! जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इमरजेंसी वार्ड में आया मरीज को ड्रिप लगाकर ग्लूकोज चढ़ा रही है। लोग अस्पताल के अंदर खुलेआम असलहे लेकर घूमते हैं।
यह देख मरीजों में असुरक्षा का माहौल बनता है। यह नजारा तब है जब चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के शुक्रवार को होने वाले निरीक्षण को लेकर जिला अस्पताल में गुरुवार को व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही थीं।
अकबरपुर में गुरुवार दोपहर एक बाइक सवार को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी थी। इससे घायल युवक को पुलिस और परिवार के लोग जिला अस्पताल लेकर आए। इमरजेंसी में ईएमओ डॉ. निशांत पाठक ने मरीज का उपचार किया।
इसके बाद घायल को वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया। इस दौरान अस्पताल की एक महिला कर्मचारी घायल को ड्रिप चढ़ाने लगी। जिसके वार्ड आया होने की पुष्टि सीएमएस कार्यालय में तैनात लिपिक ने सुमन के रूप में की।
जबकि वार्ड आया सिर्फ स्ट्रेचर से मरीज को शिफ्ट करने का काम करती हैं। मरीज को ड्रिप लगाकर उसे ग्लूकोज कितनी गति से चढ़ना है यह काम स्टाफ नर्स या फिर डॉक्टर करते हैं। यही हाल इमरजेंसी का है।
यहां डॉक्टर की मौजूदगी में वार्ड बॉय मरीज को इंजेक्शन से लेकर ड्रिप तक लगाते हैं। इसी तरह दोपहर 12 बजे एक लग्जरी कार इमरजेंसी में एंबुलेंस खड़ी करने वाली जगह में नजर आई।
यहीं एक युवक, अपने प्राइवेट रायफलधारी व एक सुरक्षा कर्मी के साथ पुलिस चौकी से इमरजेंसी कक्ष होते हुए पंजीकरण कक्ष पहुंचा। वहां कमरा नंबर 202 का पर्चा बनवाया। इस दौरान युवक ने कमर में पिस्टल और उसके साथ एक सुरक्षा कर्मी ने हाथ में रायफल ले रखी थी। युवक ने पिस्टल को शर्ट से ढका भी नहीं था।
अस्पताल में मरीजों के बीच खुले में कोई तमंचा और रायफल लेकर नहीं घूम सकता है। इससे मरीजों में दहशत का माहौल बनता है। सीएमएस से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी जाएगी। - डॉ. जीके मिश्रा, अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य।