परौंख के बंदी तालाब को अमृत सरोवर बनाने के लिए पानी निकलवाने की व्यवस्था करते जेई। संवाद
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डेरापुर। राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख के बंदी तालाब को अमृत सरोवर का रूप दिया जाना है। इसके लिए जेई ने तालाब की पैमाइश कराकर पानी निकालने का कार्य शुरू कराया है। सुंदरीकरण में करीब पचास लाख रुपये से अधिक धन खर्च होने की संभावना है। वहीं, आंबेडकर पार्क में खाली भूमि का चयन लाइब्रेरी भवन के लिए किया गया है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव परौंख में दो जून को संभावित दौरा हो सकता है। इसे देखते हुए गांव में विकास की योजनाएं तैयार होने लगी हैं। गांव के बंदी तालाब को अमृत सरोवर का स्वरूप दिए जाने की योजना के चलते गुरुवार को जिला पंचायत के जेई दीपक कुमार व प्रवीण कुमार ने तालाब का निरीक्षण किया।
लेखपाल नितिन तिवारी व सर्वेश कुमार लेखपाल ने तालाब की करीब चार बीघा भूमि को चिह्नित किया। जेई दीपक कुमार ने बताया कि तालाब की बाउंड्री बनाने के साथ सफाई कराई जाएगी। एक ओर पक्का घाट व पाथ-वे बनेगा। पौधरोपण के साथ बैठने के लिए बेंच लगाई जाएगी। गांव से आने वाले पानी को तालाब तक पहुंचने के पहले चेंबर बनेगा।
उधर, बीडीओ प्रशांत कुमार ने परौंख पहुंचकर लाइब्रेरी के भवन निर्माण के लिए भूमि की तलाश की। बीडीओ ने बताया कि गांव में बने आंबेडकर पार्क परिसर में एक मिलन केंद्र का भवन बना है।
उसके पास खाली जगह में टीन पड़ी है। प्रधान व ग्रामीणों ने उक्त टीन हटवाकर 22 फीट लंबी और 15 फीट चौड़े लाइब्रेरी का भवन बनाने की बात कही है। बीडीओ ने जेई आरईएस आलोक कुमार को भवन का स्टीमेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।