कानपुर देहात। भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष की हत्या में षड्यंत्र के आरोपी पुखरायां के अधिवक्ता की ओर से वन विभाग की जमीन पर भी अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है।
रेंजर ने पुलिस व उच्चाधिकारियों को इस बाबत अवगत कराया है। हालांकि मामले में पहले से ही बेदखली का वाद सिविल कोर्ट में चल रहा है। विवादित जमीनों में खेल करने वाले अधिवक्ता की मुश्किलें अब बढ़ती जा रही हैं।
पुखरायां कस्बा निवासी भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अमरेश तिवारी की हत्या में षड्यंत्र के आरोपी अधिवक्ता पुष्कल पराग दुबे की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। फिलहाल पुलिस उसके घर की कुर्की की तैयारी में लगी है।
वहीं, खुलासा हुआ है कि अधिवक्ता ने पुखरायां बाईपास के पास वन विभाग की एक बिस्वा से अधिक जमीन में कब्जा किया है। उसने पत्नी के नाम एक जमीन का बैनामा कराने के बाद वन विभाग की कीमती जमीन पर कब्जा कर लिया।
भोगनीपुर रेंजर छेदालाल ने बताया कि अधिवक्ता ने विभाग की करीब 60 लाख की जमीन में कब्जा किया है। इस पर बेदखली का वाद चल रहा है। साथ ही इस प्रकरण से भी पुलिस को अवगत करा दिया गया है।
वहीं पुखरायां के नाथू तालाब में करीब चार बिस्वा जमीन में कब्जा कर अधिवक्ता ने बाउंड्रीवॉल करवाने के साथ टीनशेड रखा लिया था। साथ ही अवैध कब्जे की जमीन पर निर्माण कराने के साथ उसे एक दुकानदार को किराए पर उठा दिया है।
पुखरायां के नाथू तालाब में अधिवक्ता के अवैध कब्जे का मामला संज्ञान में आने पर उसकी पैमाइश कराई जा चुकी है। अधिवक्ता के अवैध कब्जे व जमीन से संबंधित अन्य विवादित मामले खंगाले जा रहे हैं। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार राय, एसडीएम भोगनीपुर