कानपुर देहात। जनपद की 28 पीएचसी में रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इसमें अमरौधा ब्लॉक की रुरगांव पीएचसी में संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य कानपुर मंडल डॉ. रचना सिंह और सीएमओ डॉ. एके सिंह ने मेले का निरीक्षण किया।
अफसरों के निरीक्षण कर लौटने के 10 मिनट बाद ही पीएचसी से तीन डॉक्टर भी चले गए। इससे उपचार के लिए पहुंचे मरीज भटकते रहे। इसकी जानकारी पर सीएमओ ने नाराजगी जताकर पीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक संचालन के निर्देश हैं। रविवार को रुरगांव पीएचसी में आयोजित मेले में पुखरायां सीएचसी से डॉ. गोविंद प्रसाद, डॉ. आरती और डॉ. प्रीति की ड्यूटी लगी थी। सुबह 10:30 बजे सभी मेले में पहुंचे।
दोपहर 12:30 बजे नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य कानपुर मंडल डॉ. रचना गुप्ता और सीएमओ डॉ. एके सिंह मेले में पहुंचे। वहां सभी डॉक्टर मौजूद मिले। नोडल अधिकारी डॉ. रचना ने मेले में मौजूद डॉक्टरों से कहा कि सरकार की योजना का ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ दिलवाएं।
करीब आधे घंटे बाद दोपहर एक बजे वह सीएमओ के साथ लौट गईं। उनके जाने के 10 मिनट बाद सभी डॉक्टरों ने मेज पर बिछी चादर हटाई और अपना सामान पैक कर चलते बने। मेले में सिर्फ पैरामेडिकल स्टाफ और पीएचसी के अधीक्षक डॉ. अरविंद कटियार मौजूद रहे।
इसी तरह संयुक्त निदेशक और सीएमओ ने सीएचसी हवासपुर, सिकंदरा, पीएचसी राजपुर का भी निरीक्षण किया। वहीं, अपर सीएमओ डॉ. एसएल वर्मा ने नुनारी पीएचसी का निरीक्षण किया तो वहां डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह अनुपस्थित थे, जबकि आंगनबाड़ी काउंटर भी नहीं लगा मिला। गोल्डन कार्ड बनाने के लिए वीएलई भी मौजूद नहीं था। इसके बाद उन्होंने बड़ागांव भिक्खी पीएचसी का निरीक्षण किया।
रुरगांव पीएचसी में निरीक्षण के बाद संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य दूसरे अस्पतालों में चली गईं। रुरगांव मेले से डॉक्टरों के जाने की जानकारी मिली थी। इस पर पीएचसी अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। शासन की मंशा के विपरीत काम करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ।