कानपुर देहात। होली के त्योहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह हैं। बच्चे व युवा जहां रंग खेलने की तैयारी में जुटे हैं वहीं, फागुआरे टोली बनाकर गांव-गांव जाकर बधाई देने की रूपरेखा बना रहे हैं।
होली को लेकर बुधवार को बाजारों में भी खूब रौनक रही। गुरुवार को जिले भर में जगह-जगह होलिका दहन होगा। जुनैदपुर में 90 हजार नारियलों की होली आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके लिए प्रमुख चौक-चौराहों के साथ ही ग्रामीण इलाकों में तैयारियां पूरी की गईं। वहीं शुक्रवार को जमकर अबीर-गुलाल व रंग उड़ेगा।
ज्योतिष के जानकार पतारी गांव निवासी आचार्य प्रियंक दीक्षित ने बताया कि फाल्गुन पक्ष की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है। इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी गुरुवार को दिन में ही समाप्त हो जाएगी और पूर्णिमा आ जाएगी।
इसलिए इसी दिन होलिका का दहन किया जाएगा। भद्रा में होलिका का दहन करना वर्जित माना गया है, लेकिन शास्त्रों में लिखा है कि यदि भद्रा निशीथ काल के बाद तक रहे तो ऐसी स्थिति में भद्रा का मुंह छोड़कर निशीथ काल के पहले ही होलिका का दहन किया जाना उचित है।
इस बार भद्रा निशीथ काल के बाद के बाद तक है और भद्रा का मुंह दिन में ही निकल जाएगा। इससे प्रदोष काल में ही होलिका का दहन किया जाना उचित है। पंचांग की गणना के अनुसार गुरुवार को होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम छह बजे से रात आठ बजे तक है। ऐसी मान्यता है कि उस पवित्र अग्नि में भुने हुए चने और जौ खाने से हमारे अंदर की बुराई और दुर्भाग्य का अंत होता है और हमारे भीतर अच्छे संस्कार का अभ्युदय होता है।
होली पर लोगों ने जमकर की खरीदारी
बुधवार को होली को तैयारियां जोरों पर नजर आईं। चिह्नित स्थलों पर होलिका को बढ़ाने में युवा जुटे रहे। लोगों ने उपले व बल्ले आदि भी होली में एकत्र किए। अकबरपुर समेत राजपुर, शिवली, रसूलाबाद, रनियां, डेरापुर, रूरा आदि कस्बों की बाजार में भीड़ रही। रंग, पिचकारी, किराना व मिठाई आदि की दुकानों पर ग्राहक पहुंचे।
पैकेट बंद सुगंधित गुलाल की मांग अधिक रही। सब्जी बाजार में भी खूब खरीदारी हुई। रेडीमेड गुझिया की खरीद भी खूब हुई। वहीं खोया बाजार में सुबह से ही दुकानें सज गई। यहां 250 रुपये से लेकर 400 रुपये तक में खोया बिका। कपड़ा दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ दिखी। बच्चों को जहां रंग और पिचकारी अपनी ओर आकर्षित करती रही।
वहीं युवाओं को तरह-तरह का मास्क और कैप खूब भाए। बाजार में त्योहारी रौनक से दुकानदार खुश नजर आए। उधर, पुखरायां कस्बे की साप्ताहिक बाजार में बुधवार को काफी चहल पहल रही। बच्चों ने जहां रंग-गुलाल-पिचकारी खरीदी वहीं बड़ों ने गुझिया-पकवान बनाने के लिए खोया-मेवा आदि खरीदा। पुखरायां खोया मंडी में 300 से 350 रुपये प्रति किलो तक खोया बिका।