रसूलाबाद। कंचन निवादा गांव में फसल अवशेष जलाने की गलती 25 किसानों पर भारी पड़ गई। आग की चपेट में आकर 60 बीघा गेहूं की फसल जल गई। दमकल जवानों ने किसानों की मदद से आग बुझाई। तहसीलदार व राजस्व टीम ने क्षति का आकलन किया है।
फसल अवशेष यानी पराली जलाने पर रोक है। इधर कंचन निवादा गांव में कुछ किसानों ने मूंग बोआई के लिए खेत तैयार करने को गेहूं काटने के बाद पराली में आग लगा दी। इसकी वजह से आग बढ़कर नजदीक के खेत तक पहुंच गई।
आग से कंचन निवादा के श्रीकृष्ण, पीयूष कुमार, उर्मिला देवी, आयुष कुमार, शिवप्रताप, रघुराज सिंह, शिशुपाल सिंह, गोविंद सिंह, अरविंद, कलावती, छोटी बिट्टी, अपरबल सिंह, सरोज, बीना व डूड़ावर गांव निवासी परशुराम, केशव, अवध नरेश, राकेश, मानसिंह, रमेश, अमरेश व राधेश्याम और शहबाजपुर गांव निवासी श्याम सिंह, परवीन, गीतम की करीब 60 बीघा गेहूं की फसल जल गई।
सूचना पर एक फायर टैंकर लेकर पहुंचे अग्निशमन केंद्र प्रभारी रामसेवक ने ग्रामीणों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई। एसडीएम जितेंद्र कटियार ने बताया कि तहसीलदार राजकुमार चौधरी, नायब तहसीलदार मनोज रावत, क्षेत्रीय लेखपाल सौरभ सिंह को मौके पर भेजकर क्षति का आकलन कराया गया है। मंडी समिति के माध्यम से किसान को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
पराली जलाने की भी होगी जांच
संतोष, पीयूष व अपरबल सिंह आदि ने लेखपाल सौरभ सिंह को बताया कि नरेंद्र सिंह ने उर्द बोने के लिए फसल अवशेष में आग लगा दी। हवा के साथ जलते फसल अवशेष से गेहूं की तैयार फसल जल गई। लेखपाल ने बताया कि पराली जलाने की जांच की जाएगी।