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कानपुर देहात : दोषपूर्ण विवेचना में तत्कालीन इंस्पेक्टर पर एफआईआर दर्ज

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कानपुर देहात। अकबरपुर कोतवाली में चार साल पहले तैनात रहे इंस्पेक्टर पर अब दोषपूर्ण विवेचना करने में एफआईआर दर्ज की गई है। ये कार्रवाई सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर की तहरीर पर हुई है। आरोप है कि हत्या के मामले में विवेचना के दौरान इंस्पेक्टर ने कोई साक्ष्य नहीं जुटाए और दुर्घटना की चार्जशीट लगा दी।
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चिरौरा गांव के महाबीर ने आठ मई 2018 को बेटे संजय यादव की हत्या का आरोप लगा गांव के ही बलबीर, चंद्रभान, सुशील पाल व गदाईखेड़ा तोड़ा मोहम्मदपुर के इंद्रपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट अकबरपुर कोतवाली में दर्ज कराई थी।
मामले की विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर ऋषिकांत शुक्ला ने की थी। घटना के दिन संजय का शव गौरियापुर के पास हाईवे किनारे पड़ा मिला था। प्रथम दृष्टया पुलिस दुर्घटना ही मान रही थी, जबकि परिजनों का कहना था कि मृतक के शरीर में कई नुकीली वस्तु से छेद पाए गए थे। इससे हत्या की गई है।
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मामले में महाबीर ने उच्चाधिकारियों से शिकायत कर आरोप लगाया था कि पुलिस ने मनमानी की। घटनास्थल सुरक्षित नहीं किया। मौके से पांच सौ मीटर दूर मृतक के कपड़े पड़े मिले थे। इसके बाद भी कोई साक्ष्य नहीं जुटाए गए।
विवेचक ने घटना को दुर्घटना में परिवर्तित कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर सीबीसीआईडी से इसकी जांच कराई गई। जांच अधिकारी ने बताया कि विवेचक तत्कालीन इंस्पेक्टर ने विधि के निर्देशों की उपेक्षा की है।
कानपुर सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर हरेराम सिंह यादव ने अकबरपुर कोतवाली में आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 217 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोपी इंस्पेक्टर बोले, घटना के दिन छुट्टी पर थे
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट कहे जाने वाले इंस्पेक्टर ऋषिकांत शुक्ला अक्सर किसी न किसी वजह से चर्चा में बने रहते हैं। जिस कोतवाली में वह तैनात थे वहीं पर उनके खिलाफ एफआईआर हुई तो वह फिर चर्चा में आ गए। इस समय उनकी तैनाती झांसी में है। हाल ही में वह प्रमोट होकर सीओ बन गए हैं। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन वह छुट्टी पर थे। मामले में द्वेष भावना से प्रेरित होकर उन्हें फंसाया गया है। इसकी उच्चाधिकारियों से शिकायत कर जांच कराएंगे।
अकबरपुर कोतवाली में पूर्व में तैनात रहे इंस्पेक्टर पर विवेचना में गड़बड़ी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। सीबीसीआईडी की जांच में इंस्पेक्टर की भूमिका विवेचना के दौरान ठीक नहीं पाई गई है। मामले में उचित कार्रवाई की जा रही है। - घनश्याम चौरसिया, एएसपी
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