कानपुर देहात/सिकंदरा। साढ़े तीन माह बाद शुरू हुए संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को कम फरियादी पहुंचे। सिकंदरा के जिलास्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में नवागत डीएम नेहा जैन ने शिकायतें सुनीं।
छह तहसीलों में 277 शिकायतें दर्ज हुई, इनमें 13 का ही मौके पर निपटारा हो सका। उधर, अकबरपुर तहसील में डिप्टी सीएमओ समेत चार व मैथा तहसील में चार अधिकारी अनुपस्थित रहे। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम, एसपी स्वनिल ममगोई, सीडीओ सौम्या पांडेय ने फरियादें सुनीं। डीएम ने कहा कि एक सप्ताह में सभी शिकायतों का समाधान किया जाए। राजस्व कर्मी अवैध कब्जे हटवाएं व तालाबों को कब्जा मुक्त कराएं। यहां 102 शिकायतें दर्ज हुई, जिनमें चार का मौके पर निपटारा हुआ।
अकबरपुर में एडीएम प्रशासन गरिमा सिंह की मौजूदगी में 35 शिकायतें दर्ज हुई। दो का मौके पर निपटारा हुआ। एडीएम प्रशासन ने दोपहर करीब एक बजे उपस्थिति जांची तो डिप्टी सीएमओ, सहायक अभियंता जल निगम, बीईओ अकबरपुर व सरवनखेड़ा नदारद मिले।
सभी को अनुपस्थित कर एडीएम ने स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। डेरापुर में एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद की अध्यक्षता में 37 फरियादें सुनीं गई। यहां किसी शिकायत का निपटारा नहीं हो सका।
मैथा तहसील में एसडीएम रमेश कुमार की मौजूदगी में 25 शिकायत दर्ज हुई। इसमें एक निस्तारित हो सकी। यहां एसडीएम ने सुबह 10 बजे उपस्थिति जांची तो सहायक अभियंता लोक निर्माण, सहायक अभियंता सिंचाई, नगर खंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी सहायक समितियां अनपुस्थित पाए गए। इसमें एई सिंचाई देर से पहुंचे। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
रसूलाबाद में एसडीएम जितेंद्र कटियार की मौजूदगी में 44 फरियादें सुनीं गई। यहां रहीम नगर निवासी पूर्व प्रधान मुन्नालाल कठेरिया ने नगर पंचायत चेयरमैन पर खाद के गड्ढे व बंजर भूमि पर अवैध तरीके से मकान बनाने की शिकायत की। एसडीएम ने जांच कराने की बात कही। उधर, चेयरमैन राजरानी दिवाकर का मोबाइल स्विच ऑफ बताता रहा।