कानपुर देहात। जनपद में पहली बार जिला अस्पताल की ओपीडी में ऑर्थो के डॉक्टर बच्चों के क्लब फुट (टेढ़े पंजों) का इलाज करेंगे। इसके लिए शनिवार को मिरेकल फीट भारत की ओर से डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी गई। इससे अब लोगों को हैलट जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगले सप्ताह से जिला अस्पताल में उपचार की सुविधा शुरू होगी।
जन्म से ही कई बच्चों में क्लब फुट (पंजे टेढे़ होने) की समस्या होती है। प्राइवेट अस्पताल संचालक इसे ठीक करने के नाम पर लाखों रुपये वसूलते। इस वजह से माध्यम और गरीब वर्ग के लोग धन के अभाव में इलाज नहीं करा पाते। ऐसे बच्चे जब बड़े होते हैं तो उन्हें चलने में तकलीफ होती है और वह दिव्यांग की श्रेणी में आ जाते हैं।
इन बच्चों के इलाज की व्यवस्था अभी तक जनपद के सरकारी अस्पतालों में नहीं थी। इस वजह से ऑर्थो के डॉक्टर क्लब फुट से जुड़े बच्चों को इलाज के लिए हैलट रेफर कर देते थे। इससे लोगों को भागदौड़ के साथ आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था। अब यह समस्या दूर होने वाली है।
शनिवार को ऑर्थो डॉ. आरके गौतम और राहुल ऋषि को मिरेकल फीट भारत संस्था के ट्रेनर डॉ. राजेश बाजपेयी ने टेढ़े पंजे वाले बच्चों के पैर और पंजे में प्लास्टर चढ़ाने की ट्रेनिंग दी है।
इस दौरान रूरा, सिकंदरा और औरैया के बच्चों के पैरों में प्लास्टर चढ़ाया गया। डॉ. राजेश ने बताया कि संस्था का लक्ष्य भारत में क्लब फुट से जुड़ी दिव्यांगता को खत्म करना है।
उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से उपचार की सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील कि है जिन बच्चों में क्लब फुट की समस्या है वह ज्यादा से ज्यादा संख्या में जिला अस्पताल पहुंचकर इसका लाभ उठाएं।
डॉ. आरके गौतम ने बताया कि सप्ताह के हर गुरुवार को क्लब फुट समस्या से जुड़े बच्चों का उपचार कर प्लास्टर चढ़ाया जाएगा। इससे लोगों की भागदौड़ बचेगी।
जिला अस्पताल में अगले सप्ताह से क्लब फुट बीमारी से जुड़े मरीजों का उपचार किया जाएगा। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी की जा रही है। अब मरीजों को हैलट तक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। - डॉ. वंदना सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल