रनियां में हाइवे पर अतिक्रमण। संवाद
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कानपुर देहात। इटावा-कानपुर हाईवे में रनियां और सचेंडी के बीच एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। इससे हादसे कम होंगे और सफर सुगम होगा। इसके लिए कंपनी ने इस्टीमेट तैयार कर एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) को सौंप दिया है। दोनों जगह एलिवेटेड रोड बनने से हाईवे से निकलने वाले 50 हजार वाहन चालकों को राहत मिलेगी।
वर्ष 2004 में एनएचएआई ने फोरलेन सड़क बनाने के लिए जमीनों का अधिग्रहण किया गया था। इस दौरान लोगों को मुआवजा भी दिया गया था। अब कानपुर-इटावा हाईवे किनारे रनियां और सचेंडी में तेजी से आबादी बढ़ रही है। यहां लोग हाईवे पार कर आवाजाही करते हैं।
ऐसी स्थिति में रनियां में आए दिन सड़क हादसे होते हैं और लोगों की जान तक चली जाती है। इसे देखते हुए एनएचएआई परियोजना निदेशक ने ओरिएंट स्ट्रेक्शल प्राइवेट लिमिटेड को रनियां और सचेंडी में एलिवेटेड रोड बनाने के लिए इस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए थे।
कंपनी के अभियंता ने सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करने के बाद परियोजना निदेशक को सौंपी है। रनियां में एलिवेटेड रोड बनाने में अतिक्रमण बाधा बना है। एनएचएआई की ओर से अधिगृहीत की गई जमीन पर फिर से कब्जे हो गए हैं।
इसे हटाने के लिए एनएचएआई ने प्रशासन से सहयोग मांगते हुए पत्र लिखा है। वहीं, दोनों जगहों पर एलिवेटेड रोड बनने के लिए एनएचएआई परियोजना निदेशक ने प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। इसमें सचेंडी एलिवेटेड रोड में जमीन की उपलब्धता संबंधित कागज भी मुख्यालय भेजे गए हैं।
सचेंडी और रनियां में एलिवेटेड रोड बनाई जानी है। दोनों जगहों का प्रस्ताव प्राधिकरण को भेजा जा चुका है। रनियां में अतिक्रमण बाधा बना है। सचेंडी में आसानी से जगह मिल जाएगी। - पंकज मिश्रा, परियोजना निदेशक, एनएचएआई।