घटना स्थल पर जांच करती पुलिस। (संवाद)
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सरवनखेड़ा। कानपुर-झांसी रेलवे लाइन के दोहरीकरण में काम कर रहे इलेक्ट्रीशियन का शव ज्यूनिया गांव के पास रेलवे पटरी किनारे पड़ा मिला। पास में ही उसकी क्षतिग्रस्त बाइक भी पड़ी थी।
आशंका है कि पटरी किनारे लगे लोहे के एंगल से टकरा कर उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर छह घंटे शव नहीं उठने दिया। कंपनी से आश्वासन मिलने पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
कानपुर-झांसी रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम विष्णुशरण एंड कंपनी करा रही है। इसमें भूनना गांव थाना ठठिया जिला कन्नौज निवासी सुरजीत सिंह (33) कई वर्षों से इलेक्ट्रीशियन के रूप में काम कर रहा था।
मंगलवार रात सुरजीत पामा से लालपुर साइड में जाने की बात कहकर बाइक से निकला। बुधवार सुबह चाबीमैन अशोक कुमार ने पटरियों के पास शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को दी। पामा चौकी इंचार्ज शिवशंकर व थानाध्यक्ष शिवप्रकाश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इधर घटना की जानकारी पर मृतक के परिजन व हृदयपुर गांव निवासी रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। सभी ने कंपनी से मुआवजे की मांग को लेकर शव नहीं उठने दिया। कंपनी सुपरवाइजर अरविंद कुमार ने मालिक संजीव जैन से परिजनों की बात कराई।
मुआवजे की बात बनते ही परिजनों ने शव अंतिम संस्कार के लिए जाने दिया। मृतक के भाई संजीव सिंह ने बताया कि सुरजीत के दो बेटियां दिव्यांशी (3), आशी (1) हैं। कंपनी ने दोनों के नाम पांच-पांच लाख रुपये देने की बात कही है।
मृतक की पत्नी पूजा का रो-रो कर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि आशंका है कि ज्यूनिया गांव के पास फैली गिट्टी में बाइक फिसलने से वह अनियंत्रित होकर लोहे के एंगल में टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।