कानपुर देहात। विशेष सचिव की ओर से अधिवक्ता के लिए की गई टिप्पणी के विरोध में माती कचहरी में शुक्रवार को यूपी बार काउंसिल के आवाहन पर वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट जाकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने विशेष सचिव पर कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता राधेश्याम कटियार ने कहा कि शासन के विशेष सचिव ने एक पत्र में अधिवक्ताओं के लिए अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया है। इससे अधिवक्ता समाज आहत हुआ है। यूपी बार काउंसिल ने ऐसे अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एकीकृत बार एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष विजय मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता समाज में कानून व्यवस्था कायम रखने व पीड़ित को न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाता है। इसके बाद अफसरों की तरफ से ऐसी टिप्पणी शोभनीय नहीं है।
महामंत्री अरविंद सिंह कुशवाहा ने कहा कि लंबे समय से एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांग की जा रही है। उसे लागू किया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने डीएम नेहा जैन को ज्ञापन सौंपा। मौके पर संजय सिंह सिसौदिया, संजय श्रीवास्तव, अरविंद यादव, अभिजीत मौजूद रहे।
उधर, अधिवक्ताओं के दूसरे गुट ने भी न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर विरोध जताया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में वरिष्ठ अधिवक्ता संपत लाल यादव ने कहा कि विशेष सचिव ने पत्र में अधिवक्ता समाज पर अमर्यादित टिप्पणी की है।
पूर्व महामंत्री मुलायम सिंह यादव पूर्व ने कहा कि ऐसे अफसरों पर कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई अन्य इसे न दोहराए। मौके पर रमेश सिंह गौर, नरेश सिंह, जय गोपाल राजपूत, अनूप सिंह यादव, अतुल कुमार सविता, महेंद्र सिंह यादव मौजूद रहे।