माती कचहरी में न्यायिक कार्य का बहिष्कार करके खड़े अधिवक्ता। संवाद
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कानपुर देहात। भोगनीपुर कोर्ट को मिलन केंद्र पालिका परिषद पुखरायां में संचालित किया जाएगा। इसके लिए जिला जज ने आदेश जारी कर दिया है। अभी तक ये कोर्ट माती कचहरी में संचालित होती थी। इससे अधिवक्ताओं में नाराजगी है। बुधवार को अधिवक्ताओं ने विरोध जताते हुए न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।
भोगनीपुर मुंशिफ कोर्ट अब पुखरायां में संचालित होगी। वर्ष 2016 में ये कोर्ट भोगनीपुर से माती शिफ्ट हुई थी। इससे अधिवक्ताओं ने राहत की संास ली थी। मंगलवार को जिला जज अनिल कुमार झा ने आदेश जारी कर 25 अप्रैल से भोगनीपुर कोर्ट का काम पुखरायां में निर्धारित भवन में शुरू करने के लिए कहा।
इसकी जानकारी होने पर अधिवक्ताओं में नाराजगी है। बुधवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए आदेश खिलाफ नारेबाजी की। एकीकृत बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम कटियार ने कहा कि न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट व सेशन कोर्ट एक ही जगह होनी चाहिए।
वर्ष 2013 के पहले जिला न्यायालय कानपुर में स्थापित था, तब सुलभ न्याय के लिए मुंसिफ कोर्ट भोगनीपुर में 19 जुलाई 1996 से शुरू की गई थी। भोगनीपुर कोर्ट को जिला जज के आदेश पर 21 नवंबर 2016 को माती में शिफ्ट कर दिया गया था।
इसके बाद से भोगनीपुर कोर्ट में विधि व्यवसाय करने वाले सभी अधिवक्ता माती आकर बैठने लगे। एकीकृत बार एसोसिएशन के महामंत्री अरविंद सिंह कुशवाहा ने कहा कि भोगनीपुर कोर्ट स्थानांतरित होने से वादकारियों व अधिवक्ताओं को परेशानी होगी।
पूर्व अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा ने कहा कि पुखरायां में अधिवक्ताओं के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस मौके पर ज्योति सिंह, संजय सिंह सिसोदिया, विजय मिश्रा, लोकेंद्र सिंह, शशिभूषण सिंह, ज्योति सिंह, नीरज सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।