कानपुर देहात। अकबरपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग को फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने बुधवार को दोषी को 20 साल कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता राम रक्षित शर्मा ने बताया कि अकबरपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 मई 2015 की रात गजनेर के जाफराबाद निवासी ज्ञान बाबू उर्फ ज्ञान सिंह व तिलाची निवासी अमित कुमार उसकी नाबालिग बेटी को फुसलाकर साथ ले गए।
साथ ही फोन कर कार्रवाई करने पर लड़की को मारने की धमकी दी थी। मामले में पुलिस की विवेचना में अमित कुमार के घटना में शामिल नहीं होने की जानकारी पर उसका नाम केस से हटा दिया गया था।
वहीं, घटना में शामिल ज्ञान बाबू उर्फ ज्ञान सिंह व जिला जालौन के उरई रामनगर निवासी मुखिया की गिरफ्तारी कर नाबालिग को खोज निकाला था। पीड़िता के बयानों व उसकी उम्र के आधार पर दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धाराएं केस में बढ़ाई थीं।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 13 पाक्सो शैलेंद्र कुमार वर्मा की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान मुखिया के अदालत में गैर हाजिर होने पर उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी।
सोमवार को अदालत ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद ज्ञान बाबू उर्फ ज्ञान सिंह को दोष सिद्ध करार दिया था। वहीं, बुधवार को मामले में सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए दोषी को बीस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह राशि पीड़िता को दी जाएगी।