कानपुर के भैरव घाट और भगवत दास घाट विद्युत शवदाह गृह में जल्द ही एक साथ दो-दो शवों के अंतिम संस्कार हों सकेंगे। नगर निगम ने इन दोनों शवदाह गृहों में एक-एक और क्रीमटोरीअम (अंतिम संस्कार के लिए विशेष रूम) बनाने के लिए एक हफ्ते में टेंडर कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कोरोना से मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है।
कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह में ही होता है। इसके चलते भैरव घाट और भगवत दास घाट विद्युत शवदाह गृह में पहले की तुलना में 10 गुना से भी ज्यादा शवों के अंतिम संस्कार होने लगे हैं। अंतिम संस्कार के लिए आए दिन परिजनों तथा कोरोना संक्रमित मरीजों के शव लेकर आने वाली डॉक्टरों की टीमों को भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
इसके मद्देनजर नगर निगम ने इन दोनों विद्युत शवदाहगृहों में एक साथ दो-दो शवों का अंतिम संस्कार कराने का फैसला लिया है। अभी दोनों जगह एक बार में एक-एक शव का ही अंतिम संस्कार होता है। एक शव के अंतिम संस्कार में करीब डेढ़ घंटे लगते हैं। नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि इन दोनों विद्युत शवदाहगृहों की क्षमता जल्द दोगुनी की जाएगी।
पहले यह कार्य 15वें वित्त आयोग से मिलने वाले धन से कराने की योजना थी, लेकिन इसमें कई महीने लग सकते हैं। इसलिए अब इसे 14वें वित्त आयोग से ही कराने का निर्णय लिया है। पूर्व में स्वीकृत कुछ कम जरूरी कार्यों को निरस्त कर करीब 60 लाख रुपये बचाए जाएंगे। जल्द टेंडर कराने के भी निर्देश दे दिए हैं।