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कानपुर देहात : खरकपुर व सिल्हौला गो आश्रय स्थल में दो मवेशियों की मौत, कई बीमार

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खरकपुर गोशाला में लाही का सूखा भूसा खाते मवेशी। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। अकबरपुर के खरकपुर गो आश्रय स्थल में छह दिन के अंदर दूसरे मवेशी की रविवार को मौत हो गई। वहीं शनिवार शाम सिल्हौला बुजुर्ग गो आश्रय स्थल में एक मवेशी की मौत हो गई।
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ग्रामीणों का आरोप है कि चारे पानी का इंतजाम ठीक से न होने से मवेशी बीमार व कमजोर होकर मर रहे हैं। इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया जा रहा है।
गो आश्रय स्थलों की अव्यवस्थाएं दूर नहीं हो पा रही हैं। हरे चारे, पानी का प्रबंध ठीक से न होने पर मवेशी कमजोर होकर बीमार पड़ रहे हैं। चारे के नाम पर सूखा भूसा दिया जा रहा है। वह भी भरपेट नहीं मिल पाता है।
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ग्रामीणों का कहना है कि हरा चारा, चोकर, खली तो सिर्फ दिखावे के लिए एक दो बोरी केंद्रों में रखी मिल जाती है। सवाल ये है कि अगर चोकर, खली व हरा चारा मवेशी लगातार खा रहे हैं तो उनकी दुर्दशा कैसे होती जा रही है।
अकबरपुर ब्लॉक के खरकपुर आश्रय स्थल में रविवार को एक मवेशी की मौत हो गई। आश्रय स्थल में लाही का सूखा भूसा पड़ा मिला। एक मवेशी मिली। इसी तरह से राजपुर ब्लॉक के सिल्हौला बुजुर्ग आश्रय स्थल में शनिवार को एक मवेशी की मौत हो गई।
यहां भी जिम्मेदारों की अनदेखी से अव्यवस्था हावी है। सिल्हौला बुजुर्ग में गांव के ही केयर टेकर राजपाल और राजन की तैनाती है। गांव के अनुज द्विवेदी, बाबूराम तिवारी, मालती देवी आदि ने बताया कि कभी अफसर यहां निरीक्षण के लिए नहीं आते हैं। वहां डॉक्टर सीएल वर्मा ने मवेशी का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद शव दफना दिया गया।
मवेशी की बीमारी से मौत हुई है। चारे पानी का प्रबंध दुरुस्त रखने के निर्देश लगातार दिए जाते हैं। जल्द ही निरीक्षण कर व्यवस्था देखी जाएगी। साथ ही लापरवाही के मामले में जांच कराई जाएगी। - वीएस शुक्ला, बीडीओ राजपुर
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