कानपुर देहात जिला अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही है। रविवार रात एक नया मामला सामने आया है। स्टॉफ नर्स की लापरवाही से मृतक अधेड़ को करीब डेढ़ घंटे ग्लूकोज की बोतल चढ़ती रही। जानकारी होने के बाद डॉक्टर ने ड्रिप हटाई। इस मामले की जानकारी सीएमएस सिंह को दी गई है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार रात की शिफ्ट में डॉ. मयंक मिश्रा की ड्यूटी पर थे। उनके साथ ड्यूटी वार्ड आया, ब्वॉय और नर्स थी। रविवार रात माती रोड स्थित होटल के सामने घायल अवस्था में पड़ा शाहजादपुर निवासी गणेश (55) खून की उल्टी कर रहा था। होटल कर्मचारी उसे रात में जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले गए।
जहां डॉ. मयंक ने गणेश को ड्रिप लगाकर ग्लूकोज चढ़ाया। भर्ती होने के 40 मिनट बाद गणेश की मौत हो गई। इसी बीच अकबरपुर के कुंभी गांव के पास हादसे में घायल आ गए। डॉक्टर उनके उपचार में लग गए। डॉ. मयंक ने बताया कि घायल गणेश की मौत के करीब डेढ़ घंटे बाद तक भी ड्रिप लगी रही थी।
जिसे हटाने की जिम्मेदारी नर्स की थी, लेकिन वह भूल गईं। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में सिर्फ वॉर्ड ब्वाय शशीकांत की ड्यूटी थी। उन्होंने बताया कि तकरीबन डेढ़ घंटे तक ग्लूकोज चढ़ता रहा। सुबह तीन बजे वार्ड ब्वॉय शशिकांत ने सफाई कर्मचारी की मदद से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।