केंद्रीय मंत्री बनने के बाद उन्होंने वार्ड-50 के लिए प्रस्ताव तैयार करवाया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ. आरती लालचंदानी ने बताया कि डॉ. हर्षवर्धन की पहल पर ही निर्माण निगम से प्रस्ताव बनवाया गया था। कॉलेज की ओर से प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं बरती।
तीन साल में रिनोवेशन के छह प्रस्ताव
डॉ. आरती लालचंदानी का कहना है कि उनके कार्यकाल में रिनोवेशन के लिए छह प्रस्ताव भेजे गए। इसके साथ ही नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव और डीपीआर भी भेजी गई। रिनोवेशन के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था।
बहुत कुछ करने को नहीं, फिर भी देरी
बालकनी, बाथरूम जैसी सर्व सुविधाओं से युक्त वार्ड-50 को चालू करने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत नहीं है। साफ-सफाई कराने के साथ ही रिनोवेशन कराकर इसे इस्तेमाल में लाया जा सकता है। दिसंबर में 17 करोड़ रुपये रिनोवेशन के नाम पर मिल भी चुके हैं, लेकिन चार माह बाद भी स्थिति वहीं की वहीं है।
वार्ड-50 के रिनोवेशन का काम शुरू हो गया है। छत वगैैरह कराई जा रही है। इसमें सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन भी बिछवाएंगे। यह बहुत शानदार प्राइवेट वार्ड बनेगा। इसे जल्दी से जल्दी तैयार किया जाएगा।- डॉ. आरबी कमल, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कालेज