कचहरी परिसर में अधिवक्ता के चेंबर के बाहर रविवार देर रात दानाखोरी निवासी मुंशी आदित्य विक्रम शर्मा (40) का शव फंदे से लटका मिला। एक दुकानदार ने शव देखा तो कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। परिजनों ने बताया कि वह किसी बात को लेकर दो-तीन दिन से परेशान थे लेकिन कुछ नहीं बताया।
हरबंश मोहाल दानाखोरी निवासी आदित्य विक्रम शर्मा अधिवक्ता मयंक गोयल के पास 15 साल से मुंशी थे। उनके दो बड़े भाई राम विक्रम शर्मा, अभिजीत विक्रम और एक शादीशुदा बहन गीतांजलि हैं। भाइयों ने बताया कि रविवार शाम करीब छह बजे आदित्य घर में कुछ देर में आने की बात कहकर निकले थे लेकिन फिर नहीं लौटे। रविवार रात करीब 11:15 बजे कचहरी परिसर में चाय का होटल चलाने वाले दुकानदार ने उनका शव फंदे से लटका होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मौके पर कई अधिवक्ता पहुंच गए। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पांडेय ने बताया कि परिजन परेशानी की बात कह रहे हैं लेकिन खुदकुशी की मुख्य वजह नहीं बता सके हैं।