इसी दौरान रिजवान व इरफान अपने साथियों संग आए और उनके मकान और प्लॉट में आग लगा दी। सूचना पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने आग बुझाई थी। घटना के संबंध में नजीर ने तहरीर दी थी, जिसके आधार पर मंगलवार रात आठ बजे विधायक व उसके भाई पर केस दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।
इलाके को छावनी बना तब दी दबिश
केस दर्ज होने के बाद आधी रात करीब एक बजे जाजमऊ थाने में करीब डेढ़ दर्जन थानों की फोर्स इकट्ठा हुआ। दो बजे फोर्स इरफान सोलंकी के घर के चारों तरफ लग गया। रात तीन बजे एक टीम ने दरवाजा खटखटाया और घर के भीतर गई। वहां पर रिजवान व इरफान नहीं मिले। परिजनों से पूछताछ करने के बाद पुलिस लौट गई। इधर बुधवार सुबह जाजमऊ थाने और पुलिस दफ्तर में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
लापरवाही बरतने पर थानेदार पर गिरी गाज
मामले में जाजमऊ एसओ अभिषेक शुक्ला को निलंबित कर दिया गया। अफसरों का कहना है कि एसओ ने लापरवाही बरती। समय रहते केस दर्ज नहीं किया। तहरीर के हिसाब से धाराएं भी नहीं लगाईं। हालांकि जानकारी यह भी है कि कमिश्नरी के उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी थी। थानेदार आदेश का इंतजार कर रहा था लेकिन 24 घंटे तक केस दर्ज करने का आदेश नहीं हुआ। इसलिए थानेदार ने केस दर्ज नहीं किया था। बाद में जब मंगलवार रात अफसरों ने आदेश दिया तब एफआईआर हुई।
इन धाराओं में दर्ज है केस
पुलिस ने बलवा, मारपीट, गाली गलौज, आगजनी, बल का इस्तेमाल कर कब्जा करने व संपत्ति नुकसान करने की धाराओं में केस दर्ज किया है। दो धाराओं में दस साल की सजा का प्रावधान है। लिहाजा सपा विधायक व उसके भाई पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। कभी भी पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है।
विधायक बोले...परिजनों से अभद्रता की गई, फर्जी है केस
इरफान सोलंकी ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन पर फर्जी केस दर्ज किया गया है। उस महिला को वे जानते तक नहीं हैं। विधायक का आरोप है कि दबिश के दौरान पुलिसकर्मियों ने परिजनों के साथ अभद्रता की। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से अपील की है कि वह इसमें कमेटी बनाकर जांच कराएं, जिससे सच सबके सामने आए।
तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया। अहम साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। - आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर