राजधानी मार्ग पर दुर्गा मंदिर के मोड़ पर जाम में उनकी कार फंस गई। काफी देर तक जूझने के बाद किसी तरह जाम से कार को निकाली, लेकिन तब तक पिता की कार में ही मौत हो चुकी थी। वहीं, राजेश कुमार शुक्ला के दमाद विवेक का कहना है कि कार जाम में न फंसती और समय पर इलाज मिल जाता तो उनके ससुर की जान बच जाती। जाम की वजह से ही मौत हुई है। पुलिस को सूचना न देने के बाबत उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर जाम खुलवाने नहीं पहुंची। ऐसे में पुलिस से क्या उम्मीद कर जानकारी देते।
उधर, एसडीएम सदर नूपुर गोयल ने बताया कि जाम से निजात के लिए सीओ सिटी को मनोहरनगर मोड़ के पास बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी वहां बैरिकेडिंग क्यों नहीं कराई गई, इस बारे में सीओ से बात करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जाम में फंसने से मौत के बारे में डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगी। मामले की जांच कराई जाएगी।