सोने-चांदी के भावों में नरमी और त्योहारी मांग से शहर के सराफा बाजार में रौनक लौट आई है। बाजार में रोजाना करीब 125 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। हर दिन 50 किलो सोना और दो हजार किलो से अधिक चांदी बिक रही है। हल्की ज्वैलरी, पारंपरिक गहनों, सिक्कों और मूर्तियों की मांग बढ़ी है। ग्राहक भाव बढ़ने से पहले ही एडवांस बुकिंग करा रहे हैं।
शहर के नयागंज, बिरहाना रोड और चौक सराफा में थोक और फुटकर कारोबार तेजी पकड़ रहा है। शहर में पांच हजार से अधिक शोरूम और दुकानें हैं। शहर में जब भावों में कमी थी तब रोजाना करीब 75 करोड़ रुपये का सोना और 50 करोड़ रुपये की चांदी बिकती थी। सरकार को 12 करोड़ से ज्यादा का प्रतिदिन राजस्व भी मिलता था। इसी साल मई में सोने के भाव में तेजी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक साल तक सोने के गहने न खरीदने के आह्वान के बाद कारोबार प्रभावित हुआ था। हालांकि अब भावों में नरमी और त्योहारी मांग ने इन सबको पीछे छोड़ दिया है।
इससे कारोबार पुरानी लय में लौट आया है। एंटीक, फ्यूजन, रोजगोल्ड, रजवाड़ा, पोलकी और कुंदन ज्वैलरी पसंद की जा रही है। कारोबारी मेकिंग चार्ज में छूट और अन्य ऑफर दे रहे हैं। पुराने गहनों को नए गहनों से एक्सचेंज कराने का चलन भी बढ़ा है। उत्तर प्रदेश सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि हल्की ज्वैलरी की सबसे ज्यादा मांग है। चांदी के सिक्कों और मूर्तियों के लिए फुटकर कारोबारी एडवांस ऑर्डर दे रहे हैं।
कारीगरों के पास बंपर काम
नयागंज की चतुर्भुज वाली गली, नील वाली गली और बद्रीभवन में गहने तैयार करने वाले कारीगर सुबह से काम में जुट जा रहे हैं। चौक और धोबीमोहाल में भी काम बढ़ा है। नग जड़ाई करने वाले राजकुमार और गहने बनाने वाले मदन व मुरारी बताते हैं कि पहले भाव बढ़ने से काम कमजोर हो गया था, लेकिन अब दिनभर काम मिल रहा है। कारीगर गौरव के अनुसार बाजार में अच्छे ऑर्डर मिलने से कामकाज बेहतर हुआ है।
खुद ऐसे परख सकते हैं गहने असली हैं या नकली
त्योहारी सीजन में सोने के गहने खरीदते समय हॉलमार्क और शुद्धता की जांच जरूरी है। जून 2021 से सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है। गहनों पर हॉलमार्क के साथ एचयूआईडी यानी हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर अंकित होता है। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बीआईएस के सदस्य पंकज अरोड़ा के अनुसार बीआईएस केयर एप पर गहने की पहचान संबंधी जानकारी और तस्वीर के मिलान से गड़बड़ी पकड़ने में मदद मिलती है। शहर में बिरहाना रोड, चौक और नयागंज में आठ बीआईएस सेंटर हैं जबकि करीब एक हजार सराफा कारोबारियों के पास बीआईएस का लाइसेंस है। कि ग्राहक भरोसेमंद सराफा से खरीदारी करें, हॉलमार्क और एचयूआईडी का सत्यापन करें तथा पक्का बिल जरूर लें। जरूरत पड़ने पर कैरेटोमीटर से गहने की शुद्धता की जांच भी कराएं।