जान से मारने की दी गई थी धमकी
परिजनों का कहना है कि धमकी के कुछ ही घंटों बाद दोनों के शव रेलवे ट्रैक पर मिलना संयोग नहीं हो सकता। बताया कि जब सुमित और ज्योति गांव लौटे थे, तब दोनों कुछ दिन ज्योति के ससुराल में भी रहे थे। वहीं ज्योति के बहनोई से सुमित का विवाद हुआ था और उसी दौरान उसे जान से मारने की धमकी दी गई थी। उसी रंजिश में दोनों की हत्या की गई है। उनका आरोप है कि हत्या के बाद शव रेलवे ट्रैक पर डाल दिए गए, ताकि मामला ट्रेन से कटकर आत्महत्या का प्रतीत हो।
मामला ट्रेन से खुदकुशी का माना जा रहा है
इधर, ज्योति के मायके पक्ष के पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचने से भी परिजनों ने कई सवाल खड़े किए हैं। सुमित के भाई का आरोप है कि जब उन्होंने ज्योति के घरवालों को सूचना दी तो उन्होंने शव लेने से भी इनकार कर दिया और उलटा धमकी दी। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में मामला ट्रेन से खुदकुशी का माना जा रहा है, लेकिन सुमित के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
एक साल पहले की मंदिर में शादी
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सुमित के भाई ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि ज्योति पहले छोटू से शादी कर चुकी है। उसकी तीन बेटियां भी थीं। मजदूरी का काम करने के दौरान सुमित और ज्योति में नजदीकियां बढ़ गईं। आरोप था कि ज्योति का पति शराब के नशे में आए दिन उससे पीटता था। इसको लेकर ज्योति ने एक साल पहले सुमित में शादी कर ली थी। इसके बाद सुमित ज्योति के साथ उसके मायके रेऊना थानाक्षेत्र के दौलतपुर गांव में रह रहे थे।
पंचायतनामा में भी ज्योति का पति सुमित
परिवार ने ज्योति को बहू मानते हुए उसके पंचायतनामें में पति की जगह पर सुमित का नाम दर्ज कराया। परिजनों ने कहा कि वह बेटे सुमित के साथ ज्योति का अंतिम संस्कार भी पूरे विधि-विधान से करेंगे।
मौत भी नहीं कर पाई उन्हें जुदा
पानीपत में रहने के दौरान ज्योति और सुमित का प्यार ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसमें खा ली। इसके बाद शादी करके दोनों एक साथ रहने लगे, लेकिन समाज को यह मंजूर नही हुआ। इस पर दोनों को आए दिन धमकियां मिलने लगी, जिसके बाद दोनों ने सुसाइड करने का फैसला लिया। दोनों एक दूजे के गले में हाथ डालकर निकले और भीमसेन के पास ट्रेन के आगे लेट गए।