प्रो. विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियां और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। दीक्षांत से पहले हुए दीक्षोत्सव पर दो मिनट की फिल्म दिखाई गई। नन्हे मुन्नो की ओर से बहने दे पानी की तरह और विवि के छात्रों की ओर से ऑपरेशन सिंदूर पर नृत्य प्रस्तुति किया गया। परंपरागत कच्छ चर्म शिल्प के विशिष्ट शिल्पाचार्य व उद्यमी अंचल पी. बिजलानी को डॉक्टर ऑफ लेटर्स (डी.लिट.) की मानद उपाधि दी गई।
कुलाधिपति ने उपाधि पंजिका पर डिजिटल हस्ताक्षर कर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की उपाधियां, अंकतालिकाएं डिजीलॉकर पर ऑनलाइन माध्यम (बटन दबाकर) से अपलोड की। दीक्षांत समारोह से पहले कुलाधिपति और मुख्य अतिथि ने परिसर में पौधा रोपण किया। इस अवसर पर स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, प्रो. संदीप सिंह, डॉ. विवेक सचान, डॉ. प्रवीण कटियार, डॉ. प्रवीणभाई पटेल, डॉ. दिवाकर अवस्थी समेत अन्य मौजूद रहे।