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Kanpur Blast: देसी बम वाले विस्फोटक से हुआ था धमाका... घटनास्थल पर मिला यह खतरनाक रसायन; अफसर भी देखकर चौंके

Thu, 25 Jan 2024 11:45 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में धमाका देसी बम वाले विस्फोटक से हुआ था। फॉरेंसिक रिपोर्ट से खुलासा हुआ है। धमका लो एक्सप्लोसिव से हुआ था। घटनास्थल पर टीम को नाइट्राइट मिला था। जिससे प्रतीत होता है कि धमाका लो एक्सप्लोसिव से हुआ है। 
 
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Kanpur Blast - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के बजरिया के कंघीमोहाल में मंगलवार को देसी बम बनाने वाले विस्फोटक से धमाका हुआ था। यह खुलासा फॉरेंसिक रिपोर्ट से हुआ है। बुधवार को फॉरेंसिक टीम ने अपनी रिपोर्ट डीसीपी सेंट्रल को सौंप दी है। यह रिपोर्ट आते ही खुफिया भी अलर्ट हो गई है, कि इतना विस्फोटक क्यों और किस लिए लाया गया। 
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इधर, पता चला है कि मकान खाली कराने का सेल एग्रीमेंट डीटू गैंग के शूटर बंटी को किया गया था। यह मकान खाली कराने का दबाव बना रहा था। इससे शक की सूई दूसरी तरफ घूम गई है। वहीं, धमाके में घायल आमिर और तूबा की हालत गंभीर होने पर लखनऊ के केजीएमयू रेफर कर दिया गया है। 

तीसरे घायल का इलाज उर्सला में चल रहा है। हादसे में घायलों के सीने, सिर और चेहरे पर सबसे ज्यादा चोटें आई हैं। तीनों की हालत गंभीर होने से बयान नहीं दर्ज हो सके हैं। वहीं, चौथा घायल अभी तक सामने नहीं आया है।
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कंघीमोहाल में मंगलवार दोपहर नसीम के मकान की तीसरी मंजिल की लकड़ी और धन्नी से बनी छत और दीवारें तेज धमाके के साथ उड़ गईं थीं। हादसे में चप्पल कारीगर इरशाद की पत्नी गजाला, उनकी साढ़े छह साल की बेटी तूबा नूर और बेकनगंज का रहने वाला किरायेदार आमिर समेत चार लोग घायल हो गए थे। तीनों घायलों के चेहरे जले होने की वजह से आंखें बंद हैैं। बयान न होने से धमाके की असलियत नहीं पता लग पाई है।
 

वहीं, देसी बम बनाने वाले विस्फोटक से धमाका होने की सूचना मिलते ही खुफिया भी अपने स्तर से छानबीन कर रही है। अधिकारियों ने पुरानी घटनाओं के आरोपियों को ढूूंढने का आदेश एसीपी अनवरगंज और बजरिया पुलिस को दिया है। 

 

सीपी अखिल कुमार ने डीसीपी सेंट्रल को अपने इलाकों में गश्त तेज करने के आदेश दिए हैं। इलाकों में रात में चेकिंग अभियान चलाने के लिए कहा है। होटल, सराय और धर्मशाला में 15 से 21 जनवरी के बीच आकर रुके लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

फोरेंसिक टीम ने रिपोर्ट में यह लिखा
फॉरेंसिक टीम के प्रभारी डॉ. प्रवीन कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट डीसीपी सेंट्रल को सौंप दी है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि धमका लो एक्सप्लोसिव से हुआ था। घटनास्थल पर नाइट्राइट मिला था। जिससे प्रतीत होता है कि धमाका लो एक्सप्लोसिव से हुआ है। लिखा गया है कि पटाखा और देसी बम बनाने के लिए पोटेशियम नाइट्रेट का प्रयोग किया जाता है। 

 

जिसमें आग लगने के बाद नाइट्रेट ऑक्सीडेशन होने के चलते नाइट्राइट में तब्दील हो जाता है, जबकि हाई एक्सप्लोसिव में पोटेशियम नाइट्रेट का प्रयोग नहीं किया जाता है। ऐसे में साफ तौर पर पता चलता है कि घटनास्थल पर भारी मात्रा में लो एक्सप्लोसिव रखा हुआ था। जिसमें संदिग्ध हालात में आग लगने से धमाका हो गया।
 

बजरिया थाने का हिस्ट्रीशीटर मकान खाली करने का बना रहा था दबाव
टीपू की मौत के बाद से उसके बेटे नसीम ने इस मकान का सेल एग्रीमेंट डीटू गैंग के शूटर बंटी को कर दिया था। बंटी बजरिया थाने का हिस्ट्रीशीटर होने के साथ बिल्डर भी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, किरायेदार मकान खाली करने के लिए समय मांग रहे थे जबकि बंटी मकान को तुरंत खाली कराना चाहता था। वहीं, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल आमिर की शोहरत खराब नहीं बताई गई, उसकी संगत भी खराब नहीं बताई गई।

इधर, मोहल्ले वालों का कहना था कि घायल तूबा नूर के पिता इरशाद को बंटी ने दो लाख रुपये मकान खाली करने के लिए दिए थे। इरशाद का कहना है कि धमाके के बाद कई लोग घर के अंदर आए और मोहल्ले के लोग उसके रुपये भी उठा ले गए। अब रुपये न होने की वजह से वह बेटी का इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं।
 

सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर
सनसनीखेज धमाके के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर है। जो लोग पुराने विवादों में शामिल रहे हैं, उनकी निगरानी बढ़ा दी गई है। कई नंबर सर्विलांस पर लिए गए हैैं, जबकि कई संदिग्ध लोगों के नंबरों पर हो रही बातचीत भी पुलिस सुन रही है।

कई नंबरों की रनिंग लोकेशन चेक कर उनको ट्रेस किया जा रहा है। सचेंडी, महाराजपुर, नरवल, बिधनू, बिल्हौर, नवाबगंज और जाजमऊ थानों की पुलिस को 24 घंटे अलर्ट पर रहने को कहा गया है। बैरियर लगाकर रात में चेकिंग और संदिग्ध दिखने पर थाने लाकर पूछताछ करने के आदेश दिए हैं।

ताला बंदकर पड़ोसियों ने रिश्तेदारों के घर डाला डेरा
धमाके के बाद से इलाके के लोगों में दहशत है। यहां के ज्यादातर मकान जर्जर हो चुके हैैं। इस मकान में भी मलबा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मलबे में कहीं और बारूद न पड़ा हो, इसलिए लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।

 
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फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, लो एक्सप्लोसिव से विस्फोट हुआ है। यह देसी बम और माचिस बनाने में प्रयोग किया जाता है। हालत गंभीर होने से तीनों के बयान नहीं हो पाए हैं। हालत ठीक होने पर ही उनके बयान दर्ज हो पाएंगे। वहीं, पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। - प्रमोद कुमार, डीसीपी सेंट्रल
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