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कानपुर: ईदगाह में नहीं होगी बकरीद की नमाज, कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए फैसला

Fri, 16 Jul 2021 12:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

शहरकाजी ने बताया कि इस मामले में पुलिस आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नमाज अदा करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अवाम की प्रतिक्रिया से ऐसा महसूस हुआ कि नमाज ईदगाहों में हुई तो सोशल डिस्टनसिंग का पालन कराना मुमकिन न होगा।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बकरीद (ईद-उल-अजहा) की नमाज बड़ी ईदगाह में नही होगी। यह फैसला कोरोना की तीसरी लहर के पहले सतर्कता बरतते हुए शहरकाजी हाफिज अब्दुल कुद्दूस ने उलेमा और मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ बैठक कर लिया है। बकरीद 21 जुलाई को मनाई जाएगी।
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शहरकाजी ने बताया कि इस मामले में पुलिस आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत नमाज अदा करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अवाम की प्रतिक्रिया से ऐसा महसूस हुआ कि नमाज ईदगाहों में हुई तो सोशल डिस्टनसिंग का पालन कराना मुमकिन न होगा।
 
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बड़ी तादाद में मुसलमान बड़ी ईदगाह बेनाझाबर में नमाज पढ़ते हैं। पिछली नमाजों में ये संख्या चार से पांच लाख तक भी रही है। लिहाजा तीसरी लहर की रोकथाम के लिए नमाज ईदगाह में न कराने पर फैसला लिया है। इस संबंध में गुरुवार को बड़ी ईदगाह की कमेटी के जिम्मेदारों के साथ एक बैठक भी हुई थी।

अवाम से अपील है कि वे अपनी-अपनी मस्जिदों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए ईद-उल-अजहा की नमाज पढ़ें। वहीं, ईदगाह कमेटी के महासचिव मोहम्मद इमरान ने बताया कि गुरुवार देररात बैठक में ये फैसला लिया है कि नमाज बड़ी ईदगाह में न पढ़ें।

जिला प्रशासन ने तीसरी लहर के मद्देनजर भीड़भाड़ से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ 50 लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत दी है। हालांकि, कमेटी को ये तय करना बहुत मुश्किल होगा कि नमाज पढ़ने वाले वे 50 लोग कौन होंगे? लिहाजा इस बार भी बड़ी ईदगाह में नमाज न कराने पर आम सहमति बनी है।
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