कानपुर के नए मास्टर प्लान (महायोजना-2031) में आउटर रिंग रोड को शामिल किया गया है, पर डेडलाइन बीतने के बावजूद मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार नहीं हो पाने पर शासन ने नाराजगी जताई। केडीए अफसरों को 15 अगस्त तक भेजने के निर्देश दिए। शासन स्तर पर परीक्षण और आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसे लागू किया जाएगा।
पुराने मास्टर प्लान में बहुत सी कमियां हो गई थी। इन कमियों को दूर करने और शहरवासियों की आवासीय, व्यावसायिक, सामुदायिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से नया मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। शासन ने केडीए को नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर मार्च में भेजने के निर्देश दिए थे। केडीए ने एक निजी कंपनी को यह जिम्मा सौंपा, पर ड्राफ्ट अभी तक तैयार नहीं हुआ।
शासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इस पर नाराजगी जताते हुए मास्टर प्लान का नया ड्राफ्ट तैयार करने की डेडलाइन 15 अगस्त तय की है। केडीए अधिकारियों ने बताया कि शासन ड्राफ्ट का आकलन करेगा। वहां, हरी झंडी मिलने के बाद शहरवासियों से आपत्तियां, सुझाव मांगे जाएंगे। आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद नया मास्टर प्लान लागू किया जाएगा।
पुराने मास्टर प्लान की अधिकारियों ने उड़ाईं धज्जियां
केडीए ने 20 साल पहले मास्टर प्लान (महायोजना 2021) लागू किया था। पर, विकास प्राधिकरण के अफसरों, कर्मियों ने ही इसकी धज्जियां उड़ा दीं। अधिकारियों की मिलीभगत से स्वरूप नगर, आर्य नगर, लाजपत नगर, किदवई नगर, बर्रा आदि व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमों को ताक पर रखकर दुकानें और शोरूम खुल गए। भूमाफिया ने कृषि योग्य जमीनों, ग्राम समाज, ऊसर, चारागाह, तालाबों की जमीनों में अवैध रूप से प्लाटिंग कर मकान बनवा दिए।