इसलिए दरोगा केस की फाइनल कार्रवाई के लिए वादी से कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए गांव गया था। इसी दौरान एक वीडियो रविवार शाम को वायरल हुआ था। जिसमें दरोगा गर्वित एक कमरे में बंद नजर आ रहा था। एक युवती से मारपीट हो रही थी। पुलिस कमिश्नर ने मामले में जांच के आदेश दिए थे। एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा व एडीसीपी पश्चिम लखन सिंह यादव ने जांच की। जांच में सामने आया कि जब दरोगा जांच करने पहुंचा तो उसको घर के भीतर बुलाया। बातचीत करने के दौरान उसका मोबाइल छीन लिया। जबरन कमरे में ले जाकर बंद कर दिया।
अन्य परिजन वीडियो बना रहे थे। सोनी की बहन कमरे में उससे मारपीट कर उलझ रही थी। कपड़े फाड़ने का प्रयास कर रही थी, जिससे वह दरोगा को फंसा सके। पुलिस ने सोनी की बहन रेनू समेत छह पर बंधक बनाकर पीटना, लूट, साजिश रचना, सरकारी काम में बांधा डालने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने दावा किया कि परिजन अड़े थे कि सोनी को पुलिस वापस लाए। कानून के मुताबिक पुलिस ऐसा नहीं कर सकती थी क्योंकि वह बालिग है। सोनी के परिजनों का कहना था कि अगर दरोगा हस्तक्षेप नहीं करता तो सोनी वापस आ जाती। इसी बात से उस पर खुन्नस रखे थे। जब वह जांच करने पहुंचा तो उसको निशाना बनाया।