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Kanpur: दरोगा पर किया था हमला, फंसाने की थी साजिश, महिला समेत छह पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज

Tue, 27 Dec 2022 11:30 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

ककवन में विवेचना करने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया था। इस मामले में पुलिस ने साजिश रचने व हमला करने के आरोप में छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

 
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यूपी पुलिस - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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कानपुर में ककवन के हरीपुरवा गांव में रविवार शाम वादी के परिजनों ने विवेचना करने पहुंचे पुलिसकर्मियों पर सुनियोजित तरीके से हमला किया था। मोबाइल लूटा था और जबरन कमरे में बंद कर दिया था। युवती इसलिए दरोगा से भिड़कर वीडियो बनवा रही थी जिससे वह उसको फर्जी आरोप में फंसा सके।

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पुलिस ने साजिश रचने व हमला करने के आरोप में छह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। दरोगा को क्लीनचिट दी है।  एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने प्रेसवार्ता कर बताया कि हरीपुरवा गांव निवासी सोनी ने शाहजहांपुर के विवेक अवस्थी से कोर्ट में शादी कर ली थी। तीन दिसंबर को सोनी के परिजनों ने ककवन थाने में विवेक व अन्य दो पर मुकदमा दर्ज कराया था। केस की विवेचना सब इंस्पेक्टर गर्वित त्यागी को मिली थी। विवेचना में सामने आया कि दोनों बालिग हैं। यानी शादी मान्य है।

इसलिए दरोगा केस की फाइनल कार्रवाई के लिए वादी से कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए गांव गया था। इसी दौरान एक वीडियो रविवार शाम को वायरल हुआ था। जिसमें दरोगा गर्वित एक कमरे में बंद नजर आ रहा था। एक युवती से मारपीट हो रही थी। पुलिस कमिश्नर ने मामले में जांच के आदेश दिए थे। एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा व एडीसीपी पश्चिम लखन सिंह यादव ने जांच की। जांच में सामने आया कि जब दरोगा जांच करने पहुंचा तो उसको घर के भीतर बुलाया। बातचीत करने के दौरान उसका मोबाइल छीन लिया। जबरन कमरे में ले जाकर बंद कर दिया।
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अन्य परिजन वीडियो बना रहे थे। सोनी की बहन कमरे में उससे मारपीट कर उलझ रही थी। कपड़े फाड़ने का प्रयास कर रही थी, जिससे वह दरोगा को फंसा सके। पुलिस ने सोनी की बहन रेनू समेत छह पर बंधक बनाकर पीटना, लूट, साजिश रचना, सरकारी काम में बांधा डालने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एडीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने दावा किया कि परिजन अड़े थे कि सोनी को पुलिस वापस लाए। कानून के मुताबिक पुलिस ऐसा नहीं कर सकती थी क्योंकि वह बालिग है। सोनी के परिजनों का कहना था कि अगर दरोगा हस्तक्षेप नहीं करता तो सोनी वापस आ जाती। इसी बात से उस पर खुन्नस रखे थे। जब वह जांच करने पहुंचा तो उसको निशाना बनाया।
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